दिल्ली के क्रिकेटर आयुष बडोनी ने कहा है कि उन्हें विदर्भ के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल से पहले भारतीय टीम में अपने सेलेक्शन के बारे में पता चल गया था. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने प्रियांश आर्य से कहा था कि भारतीय टीम में चुने जाने की संभावना को देखते हुए उन्हें दिल्ली टीम की कप्तानी करनी पड़ सकती है.
क्वार्टर फाइनल से पहले मिली जानकारी
BCCI से बात करते हुए बडोनी ने कहा कि मैं दिल्ली टीम के साथ था. मैं वहां कप्तान था और अगले दिन हमारा मैच था. विदर्भ के खिलाफ क्वार्टर फाइनल. तभी मुझे (सिलेक्शन के बारे में) पता चला. प्रियांश (आर्या) मेरे रूममेट थे और मैंने उनसे कहा कि ऐसा हो सकता है और उन्हें टीम की कप्तानी करनी पड़ सकती है क्योंकि मुझे जाना पड़ सकता है.
ऑलराउंडर होने का फ़ायदा
बडोनी ने आगे कहा कि पहले मैं बैटिंग करता था, लेकिन पिछले दो सालों से मैं अपनी बॉलिंग पर बहुत ज़्यादा ध्यान दे रहा हूं. मुझे हमेशा लगता है कि मैं विकेट ले सकता हूं और अपनी बॉलिंग से टीम के लिए योगदान दे सकता हूं, इसलिए मुझे ऑलराउंडर होने का फ़ायदा मिला. 26 साल के बडोनी ने कहा कि मैंने दिल्ली के लिए बहुत बॉलिंग की है और विकेट लिए हैं, इसलिए मुझे इसका फायदा हुआ है. बडोनी ने इस सीजन की विजय हजारे ट्रॉफी में पांच मैचों में चार विकेट लिए जिसमें रेलवे के खिलाफ 3/30 का शानदार स्पेल भी शामिल है.

