साल 2026 में सबसे पहले टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज खेली जाएगी. इसके लिए बीसीसीआई ने वनडे टीम इंडिया का ऐलान कर दिया, जिसमें कप्तान शुभमन गिल और उपकप्तान श्रेयस अय्यर की वापसी हुई. लेकिन भारत के धाकड़ तेज गेंदबाजों में से एक मोहम्मद शमी फिर से टीम में जगह नहीं बना सके हैं. अब 35 साल के इस तेज गेंदबाज के लिए वापसी काफी मुश्किल नजर आ रही है, जिससे शमी का करियर समाप्त भी हो सकता है.
वापसी पर चैंपियन बने, फिर भी क्यों हो गए बाहर?
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद आईपीएल 2025 सीजन में शमी की गेंदों पर बल्लेबाजों ने जमकर रन बटोरे और वह फॉर्म में नजर नहीं आए. इसके बाद इंग्लैंड में होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भी वह पूरी तरह फिट नहीं माने गए. हालांकि शमी घरेलू क्रिकेट में रेड बॉल से बंगाल की टीम के लिए खेलते हुए नजर आए, लेकिन इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें पूरी तरह फिट नहीं माना और वह टेस्ट टीम से भी बाहर रहे.
शमी और सेलेक्टर्स के बीच क्या है पंगा?
शमी और चयनकर्ताओं के बीच बीते साल से फिटनेस को लेकर खींचतान चलती रही है. शमी ने घरेलू क्रिकेट में लगातार विकेट लेकर खुद को साबित करने की कोशिश की, लेकिन अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने शायद 35 साल के इस तेज गेंदबाज की बजाय किसी युवा खिलाड़ी को भविष्य के लिए तैयार करना ज्यादा उचित समझा. इसी वजह से शमी पिछले साल से अब तक टीम इंडिया में वापसी नहीं कर सके हैं.
इस सीजन घरेलू क्रिकेट में कैसा है शमी का प्रदर्शन?
शमी ने 2025-26 सीजन में रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी खेली और इन दिनों विजय हजारे ट्रॉफी में भी हिस्सा ले रहे हैं. रणजी ट्रॉफी के पहले लेग सहित शमी अब तक बंगाल के लिए 16 मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 47 विकेट लिए हैं. वहीं भारत के लिए शमी अब तक 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट, 108 वनडे में 206 विकेट और 25 टी20 मैचों में 27 विकेट ले चुके हैं. शमी साल 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन अगर उनकी जल्दी वापसी नहीं होती है तो उनका करियर इसी पड़ाव पर समाप्त भी हो सकता है.

