पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा कि उन्हें इस बात पर काफी हैरानी हुई कि राजकोट में दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने भारत को इतनी आसानी से कैसे हरा दिया. इसके साथ ही रविवार को तीसरे और आखिरी मैच में मेजबान टीम को अपने संयोजन के साथ प्रयोग करने की आजादी नहीं होगी. डेरिल मिचेल की नाबाद 131 रन की पारी से न्यूजीलैंड ने राजकोट वनडे में 285 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सात विकेट की जीत के साथ सीरीज 1-1 से बराबर कर दी. सीरीज का निर्णायक मैच इंदौर में खेला जाएगा.
निर्णायक मैच में भारत पर दबाव
गावस्कर ने कहा कि सीरीज के निर्णायक मैच में भारत पर दबाव होगा और टीम के पास यशस्वी जायसवाल जैसे किसी खिलाड़ी को आजमाने की गुंजाइश नहीं है, जिन्हें राजकोट में सीरीज जीतने की स्थिति में इंदौर में मौका दिया जा सकता था. उन्होंने कहा कि अगर भारत यह मैच जीत जाता तो उन्हें थोड़ा प्रयोग करने की आजादी होती. शायद उन खिलाड़ियों को मौका देते जो अब तक नहीं खेले हैं. जायसवाल जैसे किसी खिलाड़ी को भी थोड़ा मौका मिल सकता था. गावस्कर ने कहा कि यह सब संभव हो सकता था, लेकिन अब वे कोई जोखिम नहीं ले सकते. उन्हें अपनी सर्वश्रेष्ठ एकादश के साथ खेलना होगा.

