नई दिल्ली। रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) की शुरुआत हो चुकी है और टीम इंडिया (Team India) में अपनी दावेदारी ठोकने के लिए हर बल्लेबाज अपने बल्ले से कमाल कर रहा है. कुछ ऐसा ही चंडीगढ़ और हैदराबाद (Hyderabad) के बीच खेले गए मुकाबले में भी देखने को मिला. टेस्ट टीम के ऐलान के बाद चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) को यहां श्रीलंका सीरीज के दोनों मैचों से बाहर कर दिया गया है तो वहीं अब तीसरे नंबर पर टेस्ट टीम में शामिल हुए हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) धमाल मचाने के लिए तैयार हैं. इसी को देखते हुए विहारी ने रणजी में अपने बल्ले का जोर दिखाया है और खुद को साबित किया है. चंडीगढ़ को 217 रन से मात देने के पीछे हनुमा विहारी का सबसे बड़ा हाथ है. चंडीगढ़ के खिलाफ विहारी ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में जहां 59 रन बनाए तो वहीं दूसरी पारी में उन्होंने 106 रनों की शानदार पारी खेली.
विहारी ने किया खुद को साबित
पहली पारी में हैदराबाद ने 347 रन बनाए जिसमें सबसे बड़ा योगदान हनुमा विहारी ने 59 रनों की पारी खेलकर दी. विहारी के अलावा बाकी का कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुंच पाया. चंडीगढ़ की तरफ से पहली पारी में जगजीत सिंह ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए. वहीं अपनी पहली पारी में चंडीगढ़ की पूरी टीम यहां 216 रनों पर ही ऑलराउंट हो गई. चंडीगढ़ की तरफ से कप्तान मनन वोहरा ने सबसे ज्यादा 110 रनों की पारी खेली. दूसरी पारी में हैदराबाद ने 8 विकेट के नुकसान पर 269 रन बनाए और अपनी पारी घोषित कर दी. लेकिन यहां एक बार फिर हनुमा विहारी ने 106 रनों की पारी खेल ये संकेत दे दिया कि वो टीम में रीएंट्री के लिए फिर तैयार हैं. हैदराबाद ने चंडीगढ़ के सामने 401 रन का लक्ष्य रखा लेकिन चंडीगढ़ की टीम यहां 183 रनों पर ही ऑलराउट हो गई और टीम मैच हार गई.

