नई दिल्ली। भारतीय घरेलू क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) का रोमांच जारी है और एक से बढ़कर एक युवा खिलाड़ी अपने बल्ले की धाक से नाम कमा रहे हैं. इसी कड़ी में बिहार (Bihar) के लिए खेलने वाले सकीबुल गनी (Sakibul Gani) ने अपने फर्स्ट क्लास यानि रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) के डेब्यू मैच में तिहरा शतक जड़ने वाले सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं. सकीबुल गनी (Sakibul Gani) ने रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) के प्लेट ग्रुप में मिजोरम के खिलाफ कोलकाता (Kolkata) के जाधवपुर यूनिवर्सिटी मैदान में बल्ले से तबाही मचा डाली. उन्होंने अपने डेब्यू मैच में 341 रन बनाए और इस दौरान 56 चौके जबकि 2 छक्के भी जड़े.
शकीबुल ने जड़े 56 चौके
गौरतलब है कि 17 फरवरी से शुरू हुई रणजी ट्रॉफी के पहले राउंड में बिहार और मिज़ोरम के बीच मैच खेला जा रहा है. जिसमें बिहार के एक समय पहले बल्लेबाजी करते हुए 71 रन पर तीन विकेट गिर चुके थे. जिसके बाद क्रीज पर मौजूद बाबुल कुमार और सकीबुल गनी ने अपनी बल्लेबाजी से ऐसा खूंटा गाड़ा की मिजोरम के गेंदबाज विकेट के लिए तरसते रह गए. सकीबुल ने बाबुल के साथ चौके विकेट के लिए शानदार बल्लेबाजी का नजारा पेश किया और इन दोनों के बीच रिकॉर्ड 538 रन की साझेदारी हुई. इस दौरान अपने फर्स्ट क्लास डेब्यू मैच में शकीबुल ने 405 गेंदों में 341 रनों की पारी खेली और वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला. सकीबुल के अलावा अभी तक पूरी दुनिया में कोई भी बल्लेबाज फर्स्ट क्लास के डेब्यू मैच में तिहरा शतक नहीं जड़ सका था. इस लिस्ट में दूसरा नाम अजय रोहेरा का है जिन्होंने साल 2018-19 के रणजी डेब्यू मैच में 267 रनों की पारी खेली थी.
538 रन की साझेदारी से रचा इतिहास
वहीं बात करें सकीबुल और बाबुल के बीच 538 रनों की साझेदारी के बारे में तो इन दोनों ने इसमें भी रिकॉर्ड बना डाला है. सकीबुल और बाबुल के बीच चौथे विकेट के लिए 538 रनों की साझेदारी वर्ल्ड क्रिकेट के फर्स्ट क्लास मैचों में तीसरी सबसे अधिक रनों की साझेदारी बनी. जिसमें सबसे उपर साल 1946-47 में चौथे विकेट के लिए विजय हजारे और गुल मोहम्मद के बीच 577 रनों की विशाल साझेदारी हुई थी. जबकि दूसरे स्थान पर 1945-46 में वेस्टइंडीज के फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट में सीएल वालकॉट और एफएमएम वॉरेल के बीच चौथे विकेट के लिए 574 रनों की साझेदारी हुई थी.

