रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जम्मू-कश्मीर ने बंगाल को छह विकेट से हराकर पहली बार फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के नायक आकिब नबी डार रहे, जिन्होंने मैच में कुल नौ विकेट लिए और पहली पारी में महत्वपूर्ण 42 रन बनाए। बंगाल ने पहली पारी में 328 रन बनाए थे, लेकिन दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर की घातक गेंदबाजी के सामने पूरी टीम मात्र 99 रनों पर सिमट गई। जम्मू-कश्मीर के लिए अब्दुल समद ने पहली पारी में 82 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया, जबकि कप्तान पारस डोगरा ने 58 रन बनाए। आकिब नबी डार और युद्धवीर सिंह चरक के बीच हुई 64 रनों की साझेदारी मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। अब फाइनल में जम्मू-कश्मीर का सामना कर्नाटक से होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर की इस सफलता के पीछे जमीनी स्तर पर किया गया सुधार और टीम की एकजुटता है।
Ranji Trophy: जम्मू-कश्मीर ने रचा इतिहास, बंगाल को 6 विकेट से हराकर पहली बार फाइनल में प्रवेश
रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जम्मू-कश्मीर ने बंगाल को छह विकेट से हराकर पहली बार फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के नायक आकिब नबी डार रहे, जिन्होंने मैच में कुल नौ विकेट लिए और पहली पारी में महत्वपूर्ण 42 रन बनाए। बंगाल ने पहली पारी में 328 रन बनाए थे, लेकिन दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर की घातक गेंदबाजी के सामने पूरी टीम मात्र 99 रनों पर सिमट गई। जम्मू-कश्मीर के लिए अब्दुल समद ने पहली पारी में 82 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया, जबकि कप्तान पारस डोगरा ने 58 रन बनाए। आकिब नबी डार और युद्धवीर सिंह चरक के बीच हुई 64 रनों की साझेदारी मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। अब फाइनल में जम्मू-कश्मीर का सामना कर्नाटक से होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर की इस सफलता के पीछे जमीनी स्तर पर किया गया सुधार और टीम की एकजुटता है।
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