इंग्लैंड के वनडे कप में गरजा पुजारा का बल्ला, 63 रनों की कप्तानी पारी से टीम को जिताया मैच

इंग्लैंड के वनडे कप में गरजा पुजारा का बल्ला, 63 रनों की कप्तानी पारी से टीम को जिताया मैच

इंग्लैंड में इन दिनों रॉयल लंदन वनडे कप (Royal London One-Day Cup) खेला जा रहा है. जिसमें भारतीय टेस्ट टीम के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara ) इन दिनों 50-50 ओवर यानि लिस्ट ए क्रिकेट खेलते नजर आए. पुजारा इंग्लैंड की काउंटी टीम ससेक्स (Sussex) के कप्तान हैं और उन्होंने 63 रनों की पारी खेलते हुए अपनी टीम को जीत भी दिला डाली. पुजारा इससे पहले इंग्लैंड के फर्स्ट क्लास काउंटी क्रिकेट में भी तीन दोहरे शतक जमा चुके हैं. उसी फॉर्म के साथ अब उन्होंने रॉयल लंदन वनडे कप में भी दमदार आगाज किया है.

पुजारा ने खेली कप्तानी पारी 
गौरतबल है कि इंग्लैंड के होव में ससेक्स और ग्लूस्टरशर (Sussex vs Gloucestershire) के बीच मैच खेला गया. जिसमें पुजारा की कप्तानी ससेक्स ने पहले बल्लेबाजी की. ससेक्स के लिए सलामी बल्लेबाज हैरिसन वार्ड और अली ओर ने शानदार 58 रनों की शुरुआत दिलाई. जबकि इसके बाद दो विकेट जल्दी गिरे और एक समय टीम का स्कोर 72 रन पर दो विकेट हो गया था, तभी नंबर चार पर बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान पुजारा ने टीम को संभाला और अन्य बल्लेबाजों के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां निभाई. इसमें डेलरे रॉलिन्स ने भी 62 गेंदों  में 7 चौके 5 छक्कों से 91 रनों की तेज तर्रार पारी खेली. जिसके चलते पुजारा के 71 गेंदों में 63 रन और डेलरे की पारी की मदद से ससेक्स ने 50 ओवरों में 9 विकेट पर 334 रन लगा डाले.

283 रन ही बना सकी ग्लूस्टरशर 
ऐसे में 335 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए ग्लूस्टरशर की टीम 44.2 ओवरों में 283 रन बनाकर ऑलआउट हो गई. ग्लूस्टरशर की तरफ से सबसे अधिक 87 रनों की पारी विकेटकीपर बल्लेबाज जेम्स ब्रेसी ही खेल सके. उनके अलावा जफर गोहर ने भी 53 रन बनाए मगर टीम को जीत नहीं दिला सके. ससेक्स की तरफ से सबसे अधिक तीन-तीन विकेट डेलरे रॉलिन्स और एरिस्टाइड्स करवेलस ने चटकाए. जिससे पुजारा की टीम ने 51 रनों से जीत दर्ज की. इस तरह दो मैचों एक जीत और एक हार के साथ पुजारा की कप्तानी वाली ससेक्स की टीम दो मैचों में दो अंक लेकर ग्रुप ए में शामिल कुल 9 टीमों के बीच 5वें  स्थान पर आ गई है. जबकि ग्लूस्टरशर की टीम को पहले मैच के बाद दूसरे मैच में भी हार का सामना करना पड़ा.