शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे केएल राहुल की स्पिन के खिलाफ टीम की कमजोरी पर बोलती बंद हो गई और उन्होंने कहा कि इसका जवाब उनके पास नहीं है. सीरीज के ओपनिंग मैच से पहले केएल राहुल ने शनिवार को स्वीकार किया कि उनकी टीम की स्पिन के खिलाफ लगातार संघर्ष करना विशेषकर घरेलू पिचों पर, चिंता का विषय है, लेकिन उनके पास भारत की पारंपरिक रूप से मजबूती में आई गिरावट का कोई जवाब नहीं है.
कोई जवाब नहीं
राहुल ने कहा कि हमने पिछले कुछ सत्र में स्पिन अच्छी तरह नहीं खेली है. मुझे सच में नहीं पता कि हम पहले क्यों कर पाते थे और अब क्यों नहीं कर पा रहे. मेरे पास कोई निश्चित जवाब नहीं है. हम बस इतना कर सकते हैं कि व्यक्तिगत रूप से और बतौर बल्लेबाजी समूह यह देखें कि कैसे बेहतर हो सकते हैं.
तकनीकी और रणनीतिक बदलावों की तलाश
उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों को तकनीकी और रणनीतिक बदलावों की तलाश करनी होगी और यह एक लंबी प्रक्रिया होगी. राहुल ने कहा कि यह रातोंरात नहीं बदलने वाला. हम सुधार की जरूरतों को देखेंगे और उम्मीद है कि श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया सीरीज तक हम बेहतर तरीके से तैयार रहेंगे. हम उन सीनियर खिलाड़ियों से भी सलाह लेंगे जिन्होंने स्पिन बहुत अच्छी तरह खेली है.
व्यक्तिगत तौर पर जवाब ढूंढ़ने की जरूरत
इसी पर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल में कहा था कि स्पिन के खिलाफ भारत की लचर बल्लेबाजी ने उन्हें शायद दुनिया की सबसे कमजोर स्पिन खेलने वाली टीमों में से एक बना दिया है. राहुल ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को व्यक्तिगत तौर पर जवाब ढूंढ़ने होंगे और अगर वे स्पिन के खिलाफ अपनी पारंपरिक बढ़त वापस पाना चाहते हैं, तो अपनी तकनीक में सुधार करना होगा.

