IND vs SA: गौतम गंभीर जबसे टीम इंडिया के हेड कोच बने हैं, तबसे टेस्ट टीम इंडिया का हाल काफी बुरा रहा है. टेस्ट टीम को अपने घर में बीते एक साल में एक नहीं बल्कि दो बार मेहमान टीमों के हाथों क्लीन स्वीप झेलना पड़ा. न्यूजीलैंड ने 3-0 से और साउथ अफ्रीका ने 2-0 से भारत को उसके घर में हराया. इसके पीछे का कारण संजय मांजरेकर ने बताते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ी जब टीम इंडिया में आते हैं तो वह खुद को एनआरआई समझते हैं और घर में ज्यादा खेलना भूल जाते हैं क्योंकि विदेशों में ज्यादा खेलते हैं.
भारत के न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से घर पर हारने के दो प्रमुख कारण हैं. पहले तो इन दोनों टीमों ने भारत को उसके घर में पेस, बाउंस या स्विंग से नहीं बल्कि स्पिन से हराया. इसके अलावा जब कोई खिलाड़ी डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाकर टीम इंडिया में आता है तो वह खुद को एनआरआई (NRI) मानता है. वह मुश्किल से घर के मैच खेलता है और विदेशों में ज्यादा क्रिकेट खेलता है.
WTC फाइनल के लिए मुश्किल हुई राह
मालूम हो कि न्यूजीलैंड से हार के चलते टीम इंडिया बीते वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 के फाइनल में जगह नहीं बना सकी थी. अब साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को उसके घर में 2-0 से हराया, जिससे अगले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल में जगह बनाना मुश्किल हो गया है. टेस्ट टीम इंडिया को अब साल 2027 तक नौ टेस्ट खेलने हैं, जिसमें कम से कम छह टेस्ट जीतने पर ही टीम इंडिया फाइनल के लिए दावा कर सकेगी. अगले साल अगस्त में टीम इंडिया श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट की सीरीज खेलने उतरेगी.
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