IND vs SL: रवींद्र जडेजा को इस नंबर पर बल्लेबाजी करवाना चाहते हैं अश्विन, जयंत को लेकर दिया बड़ा बयान

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IND vs SL: रवींद्र जडेजा को इस नंबर पर बल्लेबाजी करवाना चाहते हैं अश्विन, जयंत को लेकर दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली। मोहाली (Mohali) के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) स्टेडियम में खेला गया भारत-श्रीलंका (India and Srilanka) का पहला टेस्ट मैच कई कारणों से याद किया जाएगा. सबसे पहला कारण टीम की पारी और 222 रन से जीत होगी. दूसरा, विराट कोहली के लिए अपने 100वें टेस्ट में 8,000 टेस्ट रन पार करना. तीसरा, आर अश्विन (R Ashwin) के लिए कपिल देव को पछाड़कर भारत में टेस्ट के लिए दूसरे सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए. और अंत में, रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) के लिए. पहली पारी में नाबाद 175 रन के अपने सर्वोच्च व्यक्तिगत टेस्ट स्कोर और पांच विकेट लेने के बाद, स्टार ऑलराउंडर ने दूसरी पारी में चार विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता. अगर उन्होंने तीन दिनों के दौरान सिर्फ एक और विकेट हासिल किया होता, तो वह खेल के इतिहास में एक पारी में 150 रन बनाने और एक ही मैच में 10 विकेट हासिल करने वाले पहले क्रिकेटर बनकर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लेते.

अश्विन ने कहा- जडेजा को ऊपर खिलाओ

पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में जडेजा की तारीफ करते हुए अश्विन ने कहा कि, मुझे लगता है कि जडेजा ने पिछले चार-पांच सालों में काफी बढ़िया बल्लेबाजी की है. मुझे ऐसा लगता कि जिस तरह के फॉर्म में वह हैं, उन्हें बल्लेबाजी क्रम में और ऊपर भेजा जाना चाहिए. वहीं अश्विन ने स्पिनर जयंत यादव को लेकर कहा कि, जयंत ने इस मैच में ज्यादा ओवर नहीं फेंके. रोहित ने उन्हें ज्यादा गेंदें नहीं दी. कभी-कभी टीम में तीसरा स्पिनर होना आसान नहीं होता है. मुझे और जडेजा दोनों को ये लगा कि जयंत ने ज्यादा गेंदबाजी नहीं की है. जो आपका तीसरा स्पिनर होता है तो ये जरूरी होता है कि आप उसका ख्याल रखें. जडेजा ने फैसला किया कि वह अपने कुछ ओवर उन्हें देंगे वो भी वहां से जहां से मदद मिल रही है. इसके बाद फिर मैंने अपना छोर भी उन्हें दे दिया. जड्डू कमाल की गेंदबाजी कर रहे थे. कभी-कभी मैं बल्लेबाजी करते हुए काफी ज्यादा सोचने लगता हूं.

मैंने अपनी बल्लेबाजी पर काम किया है

अश्विन ने अपने प्रदर्शन को लेकर कहा कि, पिछले 4-6 सप्ताह में मैंने अपनी बल्लेबाजी पर काम किया और यह भी कोशिश कर रहा हूं कि मैं एक समय पर सिर्फ एक ही गेंद के बारे में सोचूं. सतह वास्तव में अच्छी थी, जब विपक्षी टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी तो उस दौरान बल्लेबाजों को आउट करना आसान नहीं था. आपको लगातार टाइट गेंदबाजी करनी थी. मुझे लगता है कि शमी और जसप्रीत ने अंत में दबाव बनाया और अहम मौको पर विकेट लिया.