31 अक्टूबर... वो तारीख, जिस दिन भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय लिखा गया. पुरुषों के माने जाने वाले खेल में भारतीय महिला टीम ने कदम रखा और उस दिन हर कोई ये देखने के लिए उत्सुक था कि महिलाएं क्रिकेट जैसे कठिन खेल को कैसे खेल सकती हैं. 31 अक्टूबर 1976 को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में 11 भारतीय महिला क्रिकेटर्स ने हर किसी को चुप कराते हुए मैदान में कदम रखा और भारत का पहला इंटरनेशनल महिला टेस्ट मैच खेला. भारत और वेस्ट इंडीज के बीच छह टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच 31 अक्टूबर 1976 को बैंगलोर में शुरू हुआ. भारतीय टीम की कप्तानी शांता रंगास्वामी ने की थीं. वह भारत की पहली महिला टेस्ट कप्तानी थीं. भारतीय महिला वनडे टीम की पहली कप्तान डायना एडुलजी भी उस ऐतिहासिक मैच का हिस्सा थी. उनके लिए यह पल और भी खास था, क्योंकि उन्हें अपनी बहन बेहरोज एडुलजी के साथ प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका मिला था. वह भारत के लिए टेस्ट खेलने वाली बहनों की पहली जोड़ी थी.
भारत के पहले मैच का हाल
भारतीय महिला टीम जब अपना पहला टेस्ट खेलने उतरी तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि वेस्ट इंडीज को वो इतनी कांटे की टक्कर देगी, क्योंकि वेस्ट इंडीज उनसे कुछ महीने पहले ही टेस्ट डेब्यू कर चुकी थी. उसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैचों की सीरीज खेली थी और दोनों ही मैच ड्रॉ रहे थे. फिर वहीं टीम छह टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारत आई. तीन दिवसीय पहला मैच बेंगलुरु में खेला था, जो ड्रॉ रहा. पहले टेस्ट की पहली पारी में भारत ने वेस्ट इंडीज को 274 रन पर ऑलआउट कर दिया था. भारत के लिए टीनएजर शुभांगी कुलकर्णी ने 11.4 ओवर में 48 रन देकर पांच विकेट लिए थे. इसके बाद भारतीय टीम ने छह विकेट पर 269 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित की. कप्तान शांता रंगास्वामी और ओपनर शोभा दोनों ने फिफ्टी लगाई. वेस्ट इडीज ने सात विकेट पर 175 रन बनाकर अपनी दूसरी पारी घोषित की और भारत के सामने 181 रन का लक्ष्य रखा. तीसरे और आखिरी दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने एक विकेट के नुकसान पर 30 रन बनाए और मैच ड्रॉ हो गया. शुभांगी कुलकर्णी ने दूसरी पारी में भी दो विकेट लिए थे.
- दूसरी का दूसरा मुकाबला चेन्नई में खेला था, जिसमें भारतीय टीम ने पहले बैटिंग करते हुए 9 विकेट पर 218 रन बनाकर पारी घोषित की. आखिरी दिन खत्म होने तक वेस्ट इडीज ने 41 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे. दूसरा मैच भी ड्रॉ रहा.
- दिल्ली में तीसरा टेस्ट खेला गया, जो ड्रॉ रहा. भारत को 180 रन का लक्ष्य मिला था, जिसके जवाब में आखिरी दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने छह विकेट पर 150 रन बना लिए थे.
- चौथा मैच 17 से 19 नवंबर के बीच पटना में खेला गया, जिसे भारत ने पांच विकेट से जीता. यह भारतीय महिला टीम की इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली जीत थी. इस जीत के साथ ही भारतीय महिला टीम ने सीरीज में 1-0 से बढ़त भी बना ली.
- लखनऊ में खेला गया 5वां टेस्ट मैच भी ड्रॉ रहा और भारत के पास सीरीज में बढ़त बरकरार रही.
- सीरीज का आखिरी मैच जम्मू में खेला गया था, जिसमें वेस्ट इंडीज ने पारी और 24 रन से जीत हासिल करके सीरीज में बराबरी कर ली.
भारत की पहली जीत में विजयी रन बनाने वाली दिग्गज
महिला टेस्ट मैचों में 5,000 से अधिक गेंदें फेंकने वाली इकलौती गेंदबाज डायना एडुलजी ने भारतीय महिला टीम के 50 साल पूरे होने के मौके पर BCCI.tv से कहा कि यह तो बस शुरुआत थी और यह सफर बहुत शानदार रहा है. मुझे यकीन ही नहीं हो रहा कि 50 साल पूरे होने वाले हैं, और मुझे बहुत खुशी है कि हम इस दिन को देख पाएं. उन्होंने कहा कि मेरे लिए सबसे सुखद पल वह था जब मैंने पटना में खेले गए टेस्ट मैच में विजयी रन बनाया. वहां काफी भीड़ थी, जिस पर हमें यकीन ही नहीं हो रहा था. स्टेडियम में लगभग 30 से 35 हजार लोग मौजूद थे. जीत के बाद जब भीड़ उमड़ पड़ी, तो ऐसा नज़ारा हमने पहले सिर्फ पुरुषों के क्रिकेट में ही देखा था. लोग मैदान में दौड़ पड़े और हम पूरी तरह से घिर गए. यह एक बहुत ही शानदार एहसास था. उन्होंने बताया कि इस भीड़में उनका बल्ला और दस्ताने भी खो गए थे. लोगों ने उन्हें बस छीन ही लिया था.
भारतीय महिला टीम के अब तक खेले इंटरनेशनल मैच
| फॉर्मेट | मैच खेले | जीते | हार | ड्रॉ/टाई/ नो रिजल्ट |
| टेस्ट | 43 | 9 | 7 | 27 |
| वनडे | 348 | 191 | 150 | 2 टाई, 5 का रिजल्ट नहीं |
| टी20I | 236 | 134 | 95 | 1टाई, 6 का रिजल्ट नहीं |



