अन्वय द्रविड़ का वनडे में कोहराम, 4 पारियों में उड़ाए 358 रन, ठोके 2 शतक-1 फिफ्टी

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anvay dravid
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वीनू मांकड़़ ट्रॉफी में 17 साल के अन्वय चार पारियों में 358 रन बना चुके हैं

अन्वय द्रविड़ विकेटकीपर बल्लेबाज हैं और कर्नाटक की कप्तानी भी कर रहे हैं.

भारत के पूर्व कप्तान और हेड कोच राहुल द्रविड़ के बेट अन्वय द्रविड़ ने अंडर 19 वनडे टूर्नामेंट वीनू मांकड़ ट्रॉफी 2026 में धूम मचा रखी है. वे कर्नाटक की कप्तानी कर रहे हैं और बल्ले से भी कमाल किए हुए हैं. अन्वय द्रविड़ ग्रुप स्टेज के पांच मैचों की चार पारियों में दो शतक व एक अर्धशतक लगा दिया. इस दौरान उनकी स्ट्राइक रेट भी जबरदस्त रही है.  17 साल के अन्वय चार पारियों में 358 रन बना चुके हैं और उनकी औसत 120 के करीब है. उनके शानदार खेल से कर्नाटक ने पांच में से तीन मुकाबले जीते. एक में हार मिली तो एक बारिश से धुल गया.

अन्वय द्रविड़ ने ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में गुजरात के सामने 151 रन की आतिशी पारी खेली. इससे कर्नाटक ने बारिश से प्रभावित मैच में 352 का लक्ष्य हासिल करते हुए पांच विकेट से जीत हासिल की. विज्जी स्टेडियम, विजयनगरम में हुए मुकाबले में गुजरात ने पहले बैटिंग करते हुए यश पंजवानी (106) और समीर भंडारी (119) के शतकों से चार विकेट पर 357 का स्कोर बनाया. जवाब में कर्नाटक ने अन्वय के साथ ही ध्रुव कृष्णन (130) के शतक के बूते बड़े आराम से लक्ष्य हासिल किया. अन्वय ने 100 गेंद का सामना किया और 20 चौके व तीन छक्के लगाए. उनके 151 में से 98 रन चौके-छक्कों से बनाए. उनकी स्ट्राइक रेट 151 की रही. वहीं कृष्णन ने 100 गेंद में 15 चौकों व दो छक्कों से 130 रन बनाए. इस नतीजे से कर्नाटक की टीम ग्रुप ई में टॉप पर रही. 

अन्वय द्रविड़ ने कब, किसके खिलाफ कितने रन बनाए

अन्वय ने इससे पहले 12 अक्टूबर को दिल्ली के साथ हुए मुकाबले में 41 गेंद में नाबाद 85 रन बनाए थे. उनकी पारी में सात चौके व पांच छक्के शामिल रहे.  इससे टीम 418 के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही थी. इसके जवाब में आर्यवीर सहवाग की कप्तानी वाली दिल्ली की टीम 220 रन बना सकी. 10 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सामने अन्वय ने शतक लगाया था और 104 रन की पारी खेली. तब उन्होंने 62 गेंद खेली थी और सात चौके व पांच छक्के लगाए थे. इस मुकाबले में कर्नाटक ने सात विकेट पर 326 रन बनाए थे. फिर चंडीगढ़ को 226 पर ढेर कर दिया था. हालांकि अन्वय झारखंड के सामने नहीं चल पाए थे. तब वे 29 गेंद में तीन चौकों से 18 रन बनाकर आउट हो गए थे. इस मुकाबले में कर्नाटक की टीम 194 पर ढेर हो गई थी. उसे पांच विकेट से हार मिली थी.

दाएं हाथ के बल्लेबाज अन्वय अभी तक चार पारियों में 13 छक्के लगा चुके हैं. वहीं 37 चौके भी उनके बल्ले से आए हैं. साथ ही विकेट के पीछे उन्होंने छह शिकार किए हैं. वे इससे पहले कर्नाटक अंडर 14 टीम के कप्तान भी रहे हैं. वे आमतौर पर चौथे से छठे नंबर के बीच बैटिंग करते हैं.

अन्वय के बड़े भाई समित भी हैं क्रिकेटर

अन्वय के बड़े भाई समित भी भारतीय अंडर 19 टीम का हिस्सा रह चुके हैं. वे 2024 में ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 टीम के साथ सीरीज के लिए चुने गए थे. हालांकि घुटने में चोट के चलते वे खेल नहीं सके थे. वे पेस बॉलिंग ऑलराउंडर हैं. वे 2024 में कूच बिहार ट्रॉफी जीतने वाली कर्नाटक टीम का हिस्सा थे. उस इवेंट में उन्होंने आठ मैच में 362 रन बनाने के साथ ही 16 विकेट लिए थे. वे अभी सीनियर लेवल पर महाराजा ट्रॉफी (कर्नाटक की घरेलू टी20 लीग) में ही खेले हैं. वे कर्नाटक टीम का हिस्सा नहीं बन पाए हैं.

राहुल द्रविड़ का रहा है शानदार करियर

अन्वय और समित के पिता राहुल द्रविड़ भारत के महान क्रिकेटर्स में शुमार होते हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनके कमाल के आंकड़े हैं. वे दुनिया के जबरदस्त बल्लेबाजों और फील्डर्स में शुमार होते हैं. क्रीज पर डटे रहने और धाकड़ गेंदबाजों का निडरता से सामना करने के चलते उन्हें दीवार कहा जाता था. उनकी कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड में 2007 में टेस्ट सीरीज जीती थी. 1996 से 2012 तक वे भारतीय टीम का हिस्सा रहे. इंटरनेशनल क्रिकेट में 48 शतक उनके नाम है. वे सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के साथ मिलकर भारतीय टेस्ट टीम का फैब फॉर बनाते थे. अपने शानदार खेल के साथ ही शांत स्वभाव के चलते उन्हें क्रिकेट के जैंटलमैंस में गिना जाता है. वे 2021 में भारतीय टीम के हेड कोच बने. इस भूमिका में उन्होंने भारत को एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने में मदद की. साथ ही भारत ने 2023 वर्ल्ड कप का फाइनल भी खेला था.

राहुल अपने बेटों के मैच देखने के लिए मैदान में भी जाते रहे हैं. कुछ समय पहले वे पत्नी विजेता के साथ एक लोकल मैच को देखने के लिए मैदान में मौजूद थे. उनकी यह फोटो काफी शेयर हुई थी.

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