ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को आखिरी वनडे में हराते हुए तीन मैच की सीरीज में क्लीन स्वीप टाला. हालांकि उसे जीत में बड़ी दिक्कत हुई. 275 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय ऑस्ट्रेलिया ने कूपर कोनोली (149) के शतक के बूते पांच विकेट पर 266 रन बना लिए थे. फिर छह रन में चार विकेट गिर गए और लगा कि बांग्लादेश बाजी मार जाएगी. लेकिन एडम जैंपा (4) और राइली मेरेडिथ (2) ने तीन गेंद बाकी रहते टीम को जिता दिया. इससे पहले बांग्लादेश ने तौहिद हृदय (83), मोसाद्देक हुसैन (56) और लिटन दास (58) के अर्धशतकों से पांच विकेट पर 274 का स्कोर खड़ा किया.
पहले दो मैचों की तरह ही एक बार फिर से ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग नाकाम रही. कप्तान जॉश इंग्लिस (21) ने तेजी से रन जुटाए लेकिन जल्द ही आउट हो गए. मैट रेनशॉ (0) और एलेक्स कैरी (8) सस्ते में निपट गए. लेकिन एक छोर पर कूपर कोनोली जम गए और उनके बूते टीम लक्ष्य की तरफ बढ़ी. उन्होंने मार्नस लाबुशेन (29) के साथ 64 और कैमरन ग्रीन (27) के साथ 68 रन की साझेदारी की. इससे 36वें ओवर में ऑस्ट्रेलियाई टीम 202 के स्कोर पर पहुंच गई.
आखिरी ओवर्स में फिसला ऑस्ट्रेलिया
कोनोली और ऑलिवर पीक (27) ने छठे विकेट के लिए 64 रन की साझेदारी करते हुए टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचा दिया. यहां पर पीक आउट हो गए और तब ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए नौ रन चाहिए थे. मगर अगले कुछ ओवर्स में कोनोली को स्ट्राइक नहीं मिली और जेवियर बार्टलेट (0), बेन ड्वार्शिस (4) आउट हो गए. कोनोली भी 49वें ओवर में 149 के स्कोर पर निपट गए. इससे ऑस्ट्रेलियाई की जीत खटाई में पड़ती दिख रही थी. मगर जैंपा-मेरेडिथ ने आखिरी कुछ रन बनाकर टीम को जीत दिलाई.
कोनोली ने वनडे करियर का पहला शतक बनाया जो 87 गेंद में आ गया. वे 13 चौकों व छह छक्कों से सजी पारी खेलकर 149 के स्कोर पर मुस्तफिजुर रहमान की गेंद पर आउट हुए.


