अक्षर पटेल अभी भारत की तीनों फॉर्मेट की टीम के सदस्य हैं. टेस्ट से लेक्र टी20 इंटरनेशनल फॉर्मेट में उन्होंने सिक्का जमाया है. इससे पहले वे अंदर-बाहर होते रहते थे. अक्षर पटेल का कहना है कि टी20 वर्ल्ड कप 2024 फाइनल के बाद उन्हें कभी नहीं लगा कि वे बाहर हो सकते हैं. तब इस खिलाड़ी ने नंबर पांच पर आकर 31 गेंद में 47 रन की पारी खेली थी. इससे भारतीय टीम जीतने लायक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही थी.
अक्षर ने कहा 2021 टी20 वर्ल्ड कप और 2023 वर्ल्ड कप की टीम इंडिया में जगह नहीं मिलना उनके लिए मुश्किल समय था. लेकिन इनसे काफी कुछ सीखा. अक्षर ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, 'मेरे लिए वे काफी मुश्किल दिन थे. आज मैं जो कुछ हूं उन दिनों की वजह से ही हूं. 2018 में बाहर किए जाने के बाद मैंने 2021 में टीम में वापसी की थी. इस अवधि के दौरान मैंने पहचाना कि मुझे क्या करने की जरूरत है. पिछले टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में मुझे पता था कि दबाव में बैटिंग करते हुए क्या करना है.'
अक्षर पटेल ने रवींद्र जडेजा से प्रतिस्पर्धा पर क्या कहा
अक्षर ने कहा कि उन्होंने खुद को कभी भी रवींद्र जडेजा के रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं देखा. उन्होंने बताया, टी20 वर्ल्ड कप के बाद और उससे पहले से मुझे कभी जड्डू भाई के रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं देखा गया. मेरे लिए जगह बनाई गई. जड्डू भाई और मैंने साथ में खेलना शुरू किया था. मैंने कभी जड्डू भाई के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं की. जब मैं प्रैक्टिस किया करता था तब सोचा करता था कि मैं अफने खेल में क्या जोड़ सकता हूं जिससे कि वे मुझे कभी टीम से हटा न पाए. टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद मैंने कभी नहीं सोचा कि मैं फिर से बाहर होऊंगा.'
अक्षर पटेल ने टॉप ऑर्डर में बैटिंग पर क्या बताया
अक्षर को अब भारतीय टीम में बैटिंग में भी काफी मौके मिल रहे हैं. उन्हें टॉप ऑर्डर में भी खिलाया जा रहा है. इस बारे में उन्होंने बताया कि ऊपर खेलने को भेजने का मतलब है कि टीम को उन पर भरोसा है. वे खुद को फ्लोटर के तौर पर नहीं देखते. उन्हें बाकी बल्लेबाजों की तरह ही स्पेशलिस्ट की भूमिका दी जाती है.

