पूर्व क्रिकेटर अजहर महमूद का कहना है कि पाकिस्तान के साथ कोचिंग स्टाफ में काम करने के बाद से उन्हें नया काम नहीं मिल रहा है. वे अलग-अलग टी20 लीग्स में कोशिश कर रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही. पाकिस्तान से आने वाले अजहर महमूद का कहना है कि आईपीएल फ्रेंचाइज के दुनियाभर की लीग में होने की वजह से उन्हें मुश्किल हो रही है. उन्होंने साथ ही कहा कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) को कोशिश करनी चाहिए कि हंड्रेड लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को हर टीम में रखना अनिवार्य करना चाहिए.
हाल ही में ब्रिटिश मीडिया ने रिपोर्ट दी थी कि आईपीएल में टीमें रखने वाली फ्रेंचाइज हंड्रेड लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदेगी. इसके बाद से बवाल मचा हुआ है. कई एक्सपर्ट्स ईसीबी से कह रहे हैं कि वह इस दिशा में कदम उठाए. अभी तक आधिकारिक तौर पर इस मामले पर न तो इंग्लैंड बोर्ड और न ही फ्रेंचाइज की तरफ से कुछ कहा गया है.
अजहर महमूद का दावा- हाथ से निकली CPL में कोच की जॉब
महमूद ने Wisden Cricket Weekly podcast में बताया कि उन्हें पाकिस्तानी टीम के साथ काम करने के चलते कैरेबियन प्रीमियर लीग में नौकरी गंवानी पड़ी. उन्होंने कहा, ऐसा चार साल पहले कोविड के बाद जब सीपीएल हो रहा था तब हुआ. मुझे एक फ्रेंचाइज ने कोचिंग के लिए कहा और बाद में पता चला कि मेरी पाकिस्तानी पृष्ठभूमि के चलते उन्होंने कहा कि हम किसी पाकिस्तानी कोच का खिलाड़ी को नहीं ले सकते हैं.
अजहर महमूद ने बताया पाकिस्तान का कोच बनने के बाद क्या हुआ
महमूद 2016 में पाकिस्तान पुरुष टीम के बॉलिंग कोच बने. तीन साल तक वे इस भूमिका में रहे. 2024 में उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए हेड कोच बनाया गया. 2025 में जब जेसन गिलेस्पी ने पद छोड़ा तब भी महमूद ने यह जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने कहा कि इन कामों के चलते उन्हें अब काम नहीं मिल रहा. महमूद ने कहा,
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