बड़ी खबर: BCCI की घरेलू क्रिकेट पर धनवर्षा, रणजी ट्रॉफी जीतने पर मिलेंगे 5 करोड़, देखिए बाकी विजेताओं की इनामी रकम

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

बड़ी खबर: BCCI की घरेलू क्रिकेट पर धनवर्षा, रणजी ट्रॉफी जीतने पर मिलेंगे 5 करोड़, देखिए बाकी विजेताओं की इनामी रकम

बीसीसीआई (BCCI) भारतीय क्रिकेट को बड़ा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है और लगातार इसमें बदलाव कर रही है. चाहे वीमेंस प्रीमियर लीग की शुरुआत हो या इंडियन प्रीमियर लीग को और बड़ा बनाना. बीसीसीआई सचिव जय शाह हर दिन कुछ नया करने पर जोर दे रहे हैं. ऐसे में अब बोर्ड ने डोमेस्टिक क्रिकेट पर धनवर्षा की है. डोमेस्टिक क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए बीसीसीआई ने टूर्नामेंट्स की फीस बढ़ाई है. यानी की हर टूर्नामेंट की फीस में दोगुना बढ़ोतरी की गई है.

डोमेस्टिक में रणजी ट्रॉफी, ईरानी, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, सीनियर महिला वनडे ट्रॉफी, सीनियर महिला टी20 ट्रॉफी शामिल हैं. ऐसे में बोर्ड ने अब इन टूर्नामेंट्स की फीस बढ़ा दी है.

रणजी ट्रॉफी के विजेता को पहले 2 करोड़, रनरअप को 100 करोड़ और सेमीफाइनलिस्ट को 50 लाख रुपए मिलते थे. लेकिन अब विजेता को 5 करोड़, रनरअप को 3 करोड़ और सेमीफाइनलिस्ट को 1 करोड़ रुपए मिलेंगे.  इसके अलावा ईरानी के विजेता की फीस की 25 लाख से 50 लाख और रनरअप को 25 लाख कर दिया गया है. वहीं दलीप ट्रॉफी के विजेता को 40 से 1 करोड़ और रनरअप को 20 लाख से 50 लाख कर दिया गया है.

 

विजय हजारे ट्रॉफी विजेता को 20 से 1 करोड़ और रनरअप की फीस को 15 लाख से बढ़ाकर 50 लाख कर दिया गया है. दवेधर ट्रॉफी के विजेता की फीस को 25 लाख से बढ़ाकर 40 लाख और रनरअप की 15 से बढ़ाकर 20 लाख किया गया है. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी विजेता की फीस को 25 लाख से बढ़ाकर 80 लाख और रनरअप की 10 लाख से 40 लाख कर दिया गया है. सीनियर महिला वनडे ट्रॉफी विजेता को अब 6 लाख के बदले 50 लाख और रनरअप को 3 लाख के बदले 25 लाख मिलेंगे. वहीं सीनियर महिला टी20 ट्रॉफी विजेता को 5 लाख से 40 लाख और रनरअप को 3 लाख के बदले अब 20 लाख रुपए मिलेंगे.

 

ये भी पढ़ें:

अर्जुन- सचिन ने रचा इतिहास, IPL में ऐसा करने वाली बनी पहली बाप- बेटे की जोड़ी, गांगुली- हरभजन ने भी कही बड़ी बात

MI vs KKR: MBA स्टूडेंट ने KKR के लिए 15 साल बाद ठोका शतक, घुटने में चोट के बावजूद खूब उड़ाए चौके- छक्के, ऐसा करने वाले बने पहले भारतीय