गौतम गंभीर को मिली पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा, दिल्ली हाई कोर्ट ने डीपफेक और फर्जी वीडियो हटाने का दिया आदेश

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

गौतम गंभीर (photo: getty)
गौतम गंभीर (photo: getty)

Story Highlights:

दिल्ली हाईकोर्ट ने गौतम गंभीर को पर्सनैलिटी राइट्स दिए हैं

इससे अब उनके जितने डीपफेक वीडियो हैं, वो सभी हटेंगे

भारत को टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बनाने वाले हेड कोच गौतम गंभीर ने दिल्ली हाई कोर्ट से अपनी व्यक्तिगत पहचान (पर्सनैलिटी राइट्स) की सुरक्षा मांगी है. कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई की और गंभीर की शिकायत को गंभीरता से लिया. दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि गौतम गंभीर से जुड़े सभी गलत और आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया और इंटरनेट से हटा दिए जाएं. कोर्ट ने मेटा (फेसबुक-इंस्टाग्राम), गूगल और अमेजॉन जैसी कंपनियों को भी निर्देश दिया है कि वे ऐसी गलत यूआरएल और लिंक तुरंत हटा दें.

फर्जी वीडियो से लाखों व्यूज

गंभीर की याचिका में बताया गया कि सोशल मीडिया पर उनके नाम से डीपफेक वीडियो बनाए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा व्यूज और लाइक्स मिल सकें. एक फर्जी वीडियो में यह दिखाया गया कि गंभीर ने टीम के मुख्य कोच के पद से इस्तीफा दे दिया. इस वीडियो को मात्र कुछ समय में 29 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा. एक और गलत क्लिप में सीनियर क्रिकेटरों के बारे में फर्जी बातें कही गईं, जिसके भी 17 लाख से ज्यादा व्यूज आए. गंभीर का कहना है कि यह सिर्फ व्यक्तिगत तकलीफ की बात नहीं है, बल्कि उनकी इज्जत और सम्मान का सवाल है.

गंभीर का अपना बयान

गंभीर ने पहले कहा था कि उनके 1 करोड़ 20 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, फिर भी उनके नाम पर फर्जी, भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट खासकर एक्स पर फैलाए जा रहे हैं. इन्हें रोकना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा था कि, “मेरी पहचान, मेरा नाम, मेरा चेहरा, मेरी आवाज को कुछ गुमनाम अकाउंट्स ने हथियार बना लिया है. वे झूठ फैलाकर पैसे कमा रहे हैं, और इसका नुकसान मुझे हो रहा है.”

इस केस में कुल 16 लोगों और कंपनियों पर शिकायत की गई है. इनमें सोशल मीडिया अकाउंट्स, अमेजॉन, फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स साइट्स, मेटा, एक्स, गूगल/यूट्यूब जैसी कंपनियां और कुछ सरकारी विभाग भी शामिल हैं. याचिका में पर्सनैलिटी राइट्स के अलावा कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानूनों का भी हवाला दिया गया है.