क्रिकेट के मैचों में धीमी ओवर गति बड़ी समस्या बन गई है. टी20 मुकाबले चार घंटे से भी लंबे हो चले हैं तो टेस्ट क्रिकेट में टीमें एक दिन में 80 ओवर भी नहीं फेंक पा रही है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और क्रिकेट नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबॉन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने स्लो ओवर रेट पर काबू पाने के लिए उपाय किए हैं लेकिन असर दिख नहीं रहा. अब एमसीसी के हेड ऑफ क्रिकेट फ्रेजर स्टीवर्ट का कहना है कि अगर स्लो ओवर रेट रहती है तो अंपायर्स को सजा के दायरे में लाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट में हर सेशन के ओवर तय करने चाहिए.
आईपीएल 2026 में अभी तक पांच टीमों के कप्तानों पर स्लो ओवर रेट के तहत जुर्माना लग चुका है. इनमें से श्रेयस अय्यर को दो बार सजा मिली है. अभी तक इस लीग में 22 मुकाबले हुए हैं. मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच 12 अप्रैल को खेला गया मैच तो चार घंटे 21 मिनट तक चला था. इसके बाद खेल की गति को लेकर सवाल हुए थे. इस मैच को देखने के लिए स्टीवर्ट भी मौजूद थे.
आईपीएल मैच की गति ने चौंकाया
स्टीवर्ट ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, 'खेल की गति हमारे दिमाग में बैठ गई. खेल बहुत धीमा था. इसे कई बार रोका गया. मुझे पता है कि यहां गर्मी थी और खिलाड़ियों को पानी की जरूरत होती है. लेकिन कितने सारे लोग बार-बार पिच तक भागे जा रहे थे. थोड़ी जल्दबाजी जरूरी थी. अंपायर्स खेल को धीमा होने दे रहे थे. मुझे लगता है कि अंपायर्स का काम है कि वे खेल को चलाते रहे. लेकिन जब हर ब्रेक के दौरान विज्ञापन से करोड़ों रुपये आ रहे होते हैं तब बात समझ आती है.'
अंपायर्स के पैसे काटने का सुझाव
उन्होंने आगे कहा कि आईपीएल या सफेद गेंद क्रिकेट में ही नहीं बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी यही समस्या है. ओवर रेट चौंकाने वाली हैं. छह घंटे के खेल में टीमें 73-74 ओवर फेंक पा रही हैं और अंपायर कुछ नहीं कर रहे. कानून चेतावनी और पांच रन पेनल्टी का प्रावधान करते हैं. लेकिन अंपायर्स ऐसा करने से झिझकते हैं. एक सुझाव यह है कि अगर ओवर रेट खराब है तो अंपायर्स पर जुर्माना लगाया जाए. इससे हो सकता है कि खेल आगे बढ़ने लगे.

