भारत के पूर्व गेंदबाज अतुल वासन ने सीनियर पुरुष टीम के हेड कोच के तौर पर गौतम गंभीर के कार्यकाल की कड़ी आलोचना की है. उनका दावा है कि कई खिलाड़ी अलग-अलग फॉर्मेट में अपनी जगह को लेकर अनिश्चित हैं. दिल्ली के पूर्व चयनकर्ता वासन ने आरोप लगाया कि खिलाड़ी गंभीर की आक्रामक नेतृत्व शैली से खुश नहीं थे.
शुरुआती दिनों से ही उनके आक्रामक स्वभाव
YouTube पर 'विकी लालवानी शो' में बोलते हुए वासन ने गंभीर के शुरुआती दिनों से ही उनके आक्रामक स्वभाव के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि वह गंभीर को तब से जानते हैं, जब वो बच्चे थे. उनके साथ उनके कुछ मसले रहे हैं. उनके साथ तो बस यही चलता है या तो उनकी बात मानो, या फिर चलते बनो. वह है ही ऐसे, दिल्ली क्रिकेट में भी वह काफी दादागिरी दिखाते थे. उनका स्वभाव ही ऐसा है. शुरू से ही वह पैसे वाले परिवार से थे, उनका मिजाज भी वैसा ही है, लेकिन वह एक बेहतरीन खिलाड़ी है और काफी समझदार भी हैं.
अलग ही स्तर पर अहंकार
वासन ने आगे कहा कि गंभीर का अहंकार एक अलग ही स्तर पर है. उन्हें लगता है कि अगर वह सुबह के समय भी कह दें कि रात है, तो लोग मान लेंगे कि रात ही है. उनका मानना था कि अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी, तो तुम मेरी 'हिट लिस्ट' में आ जाओगे. वह तुम्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, लेकिन उन्होंने क्रिकेट में बहुत कुछ हासिल किया है और उनके स्वभाव ने ही उन्हें क्रिकेट में आगे बढ़ने में मदद की है.
आक्रामक स्वभाव पर निर्भर सफलता
उन्होंने कहा कि गंभीर की सफलता काफी हद तक उसके आक्रामक स्वभाव पर भी निर्भर थी और कोच की भूमिका में भी उसका तीखी नोक-झोंक करने का अंदाज अब भी वैसा ही बना हुआ है. वह आज जो खिलाड़ी बने हैं, वह अपने स्वभाव की वजह से ही है. जब तक वह किसी से भिड़ते नहीं, तब तक वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाते. वासन ने कहा कि शायद गंभीर घर पर आईने के सामने खड़े होकर भी खुद से ही लड़ते होंगे. उन्हें लगता है कि यही चीज़ उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. इसीलिए वह विराट कोहली से भी भिड़ जाते हैं. यह उनकी हद से ज़्यादा आक्रामकता और दिल्ली वालों जैसी 'अल्फा-मेल' (दबंग) किस्म की शख्सियत का नतीजा है.

