इंग्लैंड के वनडे कप्तान हैरी ब्रूक और ऑलराउंडर जैकब बेथेल इंग्लैंड के क्रिकेट रेगुलेटर की हल्की-फुल्की फटकार के साथ बच निकले हैं. पिछले साल वेलिंगटन में एक नाइटक्लब बाउन्सर के साथ हुई लड़ाई की जांच के बाद उन्हें यह सजा मिली. जनवरी में ब्रूक ने यह स्वीकार किया था कि उन्होंने अपने साथियों को बचाने के लिए झूठ बोला था, जबकि शुरू में उन्होंने कहा था कि वेलिंगटन में एक नाइटक्लब में एंट्री न मिलने के बाद हुई झड़प में वह अकेले थे. दोनों खिलाड़ियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया था. क्रिकइंफो के अनुसार दोनों को हल्की फुल्की फटकार ही लगी है.
साथियों को बचाने के लिए बोला झूठ
यह घटना सिडनी में पांचवें एशेज टेस्ट में इंग्लैंड की हार के कुछ ही समय बाद यानी दो महीने से भी ज़्यादा समय बाद द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के ज़रिए सामने आई थी. ब्रूक ने शुरू में ज़ोर देकर कहा था कि वह अकेले थे, लेकिन बाद में उन्होंने मान लिया कि उनके साथ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बेथेल और जोश टंग भी थे और उन्होंने अपने साथियों को बचाने के लिए झूठ बोला था.
अंतिम चेतावनी
इस मामले को इंग्लैंड और वेल्स में खेल के नियमों को लागू करने वाली स्वतंत्र संस्था क्रिकेट रेगुलेटर के पास भेजा गया, जिसने पाया कि बेथेल और ब्रुक दोनों ने ECB के 'प्रोफेशनल कंडक्ट रेगुलेशंस' के नियम 3.2 का उल्लंघन किया. बेथेल और ब्रुक दोनों ने ही 'चेतावनी नोटिस' स्वीकार कर लिए हैं, जिसका सीधा मतलब है कि अब उन्हें 'अंतिम चेतावनी' पर रखा गया है. यह नोटिस अगले तीन वर्षों तक उनके अनुशासन संबंधी रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा. टंग ने इस सप्ताह कहा था कि उन्होंने इस घटना से सबक सीखा है. उनके खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

