आने वाले समय में अगर एक ही टेस्ट मैच में लाल और गुलाबी दोनों गेंद से मुकाबला होता दिखे तो अचंभा नहीं करना चाहिए. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) इस विचार पर काम कर रही है. आईसीसी की 30 मई को होने वाली बोर्ड मीटिंग में इस पर फैसला किया जा सकता है. यह मीटिंग आईपीएल 2026 फाइनल से पहले अहमदाबाद में होनी है. 21 मई को आईसीसी चीफ एग्जीक्यूटिव कमिटी की मीटिंग पर इस बारे में बात हुई. आईसीसी क्रिकेट कमिटी के मुखिया सौरव गांगुली भी इस दौरान मौजूद रहे.
क्रिकबज़ की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश और मौसम से टेस्ट मैच के प्रभावित होने पर नतीजे के लिए दोनों गेंद का इस्तेमाल करने की बात चली है. ऐसा समझा जाता है कि अगर मौसम ने खलल डाला और लाइट्स के तहत मैच होता है और दोनों टीमें राजी होती है तब दिन में होने वाले टेस्ट को पिंक बॉल के साथ खेला जा सकता है. अभी इस संभावित बदलाव को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है.
टेस्ट के बीच गेंद बदलने का मुश्किलभरा होगा फैसला
यह भी देखना होगा कि चलते हुए मैच में गेंद में बदलाव किस तरह से होगा. साथ ही लाल गेंद से मुकाबला पिंक बॉल में शिफ्ट करने के लिए दोनों टीमों की रजामंदी जरूरी होगी. सबसे बड़ा पेंच यही हो सकता है. इस बात की बहुत कम संभावना होगी कि दोनों टीमें गेंद बदलकर खेलना चाहेंगे. वैसे भी पिंक बॉल ऑस्ट्रेलिया को छोड़कर बाकी देशों में अभी तक लोकप्रिय हो नहीं पाया है. बाकी बोर्ड भी इस तरह के मुकाबले से दूरी बरत रहे हैं.
टेस्ट के बीच लाल की जगह गुलाबी गेंद से खेलने की क्यों हो रही जरूरत
पिछले कुछ समय में देखा गया है कि आसमान में बादल छाए होने की स्थिति में टेस्ट मैचों का समय खराब होता है. इस स्थिति को दुरुस्त करने के लिए कोशिश की जा रही है कि जब लाइट्स जलाकर ओवर पूरे कराए जा सकते हैं तब लाल की जगह पिंक गेंद का इस्तेमाल कर लिया जाए. इससे बल्लेबाज को गेंद का सामना करने में दिक्कत नहीं होगी. साथ ही ओवर्स कटौती की दिक्कत को भी सुलझाया जा सकेगा. इससे टेस्ट मैचों के नतीजे निकलने में भी इजाफा होगा.

