वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फॉर्मेट में बदलाव की तैयारी की जा रही है. इसमें टीमों की संख्या बढ़ाई जा सकती है और एक टेस्ट को भी इसका हिस्सा बनाया जा सकता है. जल्द ही WTC में होने वाले बदलावों पर मुहर लग सकती है. अप्रैल के आखिर या मई की शुरुआत में आईसीसी मीटिंग में इस बारे में फैसला किया जा सकता है. WTC की शुरुआत 2019 से हुई थी और इसका पहला फाइनल 2021 में खेला गया था. यह चैंपियनशिप दो साल की साइकल में खेली जाती है. अभी चौथी साइकल चल रही है जो 2027 में समाप्त होनी है.
न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज रोजर त्वोसे के नेतृत्व में WTC में सुधार-बदलाव के लिए आईसीसी ने एक वर्किंग ग्रुप बनाया. इन्हें खेल का आगे बढ़ाने के लिए सुझाव देने को कहा गया था. इस ग्रुप ने नवंबर 2025 में डब्ल्यूटीसी में दो डिवीजन करने की सलाह दी थी. लेकिन इस प्लान को खारिज कर दिया गया था.
कौनसी तीन टीमें बन सकती है WTC का हिस्सा
अब यह ग्रुप आईसीसी की अगली मीटिंग में WTC को लेकर नई सिफारिशें करने वाला है. इसके तहत टीमों की संख्या को नौ की जगह 12 करने और एक टेस्ट को भी WTC साइकल में शामिल करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है. अगर मुहर लगती है तो जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान और आयरलैंड को भी WTC में जगह मिल जाएगी. इन तीनों टीम के पास टेस्ट का दर्जा है. इनके पास WTC में खेलने वाली नौ टीमों के साथ टेस्ट खेलने के अवसर बहुत कम होते हैं.
WTC में क्यों हो रही बदलाव की कोशिश
ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, यह कोशिश की जा रही है कि बड़े देशों के लिए छोटी टीमों की मेजबानी को आर्थिक तौर पर व्यावहारिक बनाया जाए. इससे इन टीमों को लगातार खेलने का मौका भी मिल सके और बड़े देशों को कमाई भी हो. इसलिए एक टेस्ट को भी आगामी WTC साइकल में शामिल कराने पर विचार हो रहा है. अभी WTC के तहत कम से कम दो टेस्ट की सीरीज खेलना जरूरी होता है. इसके तहत सभी नौ टीमें कुल छह सीरीज खेलती हैं. इनमें से तीन घर और तीन बाहर होती है. एक सीरीज में कम से कम दो और अधिकतम पांच टेस्ट रखे जाते हैं.

