दो भारतीय क्रिकेटर्स ने आठ दिन के अंदर संन्यास ले लिया है. पहले टॉप ऑर्डर बल्लेबाज पूनम राउत ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया. उनके संन्यास के आठ दिन बाद एस मेघना ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है. मेघना के फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया, क्योंकि वह अभी महज 30 साल की हैं और अभी उनमें काफी क्रिकेट बचा है. भारत की अनुभवी बल्लेबाज पूनम राउत ने बीते दिनों तत्काल प्रभाव से इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की. 37 साल की राउत ने 2009 से 2021 के बीच भारत के लिए चार टेस्ट, 73 वनडे और 35 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले. पूनम राउत के कुछ दिनों बाद संन्यास लेने वाली एस मेघना अक्टूबर 2022 के बाद से ही टीम इंडिया से बाहर थीं. उन्होंने 2022 में भारत के लिए अपना आखिरी (20वां) मैच खेला था. आखिरी बार WPL के 2025 सीजन में खेलती नजर आई थीं. वह WPL का खिताब जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम का भी हिस्सा थीं. मेघना ने सोशल मीडिया पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए एक इमोशनल पोस्ट लिखा और कहा कि खेल का मैदान उनके लिए दूसरे घर जैसा रहा है. इसने उन्हें विपरीत परिस्थितियों में डटे रहना और विनम्रता सिखाई, साथ ही उन्हें ऐसी यादें और दोस्त दिए जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे.
एस मेघना का करियर
| फॉर्मेट | मैच | पारी | रन | हाइएस्ट स्कोर | औसत | स्ट्राइक रेट | 100s | 50s |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वनडे | 3 | 3 | 114 | 61 | 38.00 | 108.57 | 0 | 1 |
| टी20I | 17 | 16 | 258 | 69 | 18.42 | 102.78 | 0 | 1 |
| WPL | 15 | 14 | 302 | 53 | 23.23 | 118.43 | 0 | 1 |
WPL खिताब जीतने वाली टीम का भी हिस्सा
मेघना ने लिखा कि भले ही मेरे क्रिकेट के दिन खत्म हो रहे हैं, लेकिन क्रिकेट के साथ मेरा रिश्ता कभी नहीं टूटेगा. मैं हमेशा इस खेल से गहराई से जुड़ी रहूंगी और अपना जीवन इस खेल को वापस कुछ देने, अगली पीढ़ी को मार्गदर्शन देने और उस खेल की सेवा करने में लगा दूंगी, जिसने मुझे सब कुछ दिया है. मेघना ने महिला प्रीमियर लीग (WPL) के तीन सीजन खेले. पहले गुजरात जायंट्स के लिए और फिर दो साल तक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए. वह 2024 में खिताब जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थीं.
2017 वर्ल्ड कप करियर के सबसे अहम पल
पूनम राउत की बात करें तो उनका प्रदर्शन वनडे मैचों में सबसे शानदार रहा, जहां उन्होंने 3 शतक और 15 अर्धशतक की मदद से 2299 रन बनाए और उनका औसत 34.83 रहा. वह 2009, 2013 और 2017 के वनडे विश्व कप का हिस्सा रहीं. 2017 के विश्व कप में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक लीग मैच में शतक लगाया था और उसी टूर्नामेंट के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 86 रन बनाकर वह भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं. सोशल मीडिया पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए राउत ने 2017 वर्ल्ड कप की यादों को ताजा किया और कहा कि वह वर्ल्ड कप उनके करियर के सबसे अहम पलों में से एक हमेशा बना रहेगा. भले ही ट्रॉफी जीतने से थोड़ा चूक गए, लेकिन उस टूर्नामेंट ने भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदल दी, युवा लड़कियों की एक पीढ़ी को प्रेरित किया और खेल का भविष्य ही बदल दिया.
| फॉर्मेट | मैच | पारी | रन | हाइएस्ट स्कोर | औसत | स्ट्राइक रेट | 100s | 50s |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 4 | 7 | 264 | 130 | 44.00 | 32.91 | 1 | 0 |
| वनडे | 73 | 73 | 2299 | 109* | 34.83 | 58.26 | 3 | 15 |
| वनडे | 35 | 31 | 719 | 75 | 27.65 | 92.17 | 0 | 4 |
चार T20 वर्ल्ड कप में हिस्सा
अपने T20I करियर में उन्होंने 27.65 की औसत और 92.17 के स्ट्राइक रेट से कुल 719 रन बनाए, जिसमें चार अर्धशतक शामिल थे. उन्होंने T20 वर्ल्ड कप के चार एडिशन 2009, 2010, 2012 और 2014 में हिस्सा लिया. इनमें 2009 में पाकिस्तान के खिलाफ उनकी नाबाद 54 रनों की मैच जिताऊ पारी और 2014 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 52 गेंदों पर 56 रनों की पारी शामिल है. भारत के लिए उनका आखिरी मैच 2021 में करारा में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया टेस्ट था, जो ड्रॉ रहा था. इस मैच में उन्होंने 36 और नाबाद 41 रन बनाए थे. राउत ने अपने करियर को आकार देने का श्रेय अपनी घरेलू टीम को भी दिया. उन्होंने लिखा कि उनके शुरुआती सालों में उन पर भरोसा करने के लिए मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन का बहुत-बहुत धन्यवाद. वहां उन्हें जो मौके और मार्गदर्शन मिले, उन्होंने ही उनके क्रिकेट सफर की नींव रखी.



