भारत के पूर्व बल्लेबाज और सेलेक्टर जतिन परांजपे ने खुलासा किया कि बीसीसीआई के कहने पर एमएस धोनी ने व्हाइट बॉल टीम की कप्तानी छोड़ी थी. परांजपे ने बताया कि कैसे उन्होंने और एमएसके प्रसाद ने धोनी से बात की थी और उन्हें बताया था कि व्हाइट-बॉल कप्तान से हटने का सही समय कब है. उन्होंने यह भी बताया कि धोनी ने नए कप्तान विराट कोहली के साथ मिलकर टीम को आगे बढ़ाने में मदद करने का वादा किया था. धोनी अपने समय की तीनों बड़ी ICC ट्रॉफी जीतने वाले अकेले कप्तान थे. दो साल पहले ही टेस्ट से रिटायर होने के बाद उन्होंने अपनी एनर्जी ODI और T20I में लगा दी थी.
एमएसके प्रसाद और धोनी के बीच बातचीत
द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो में परांजपे ने कहा कि माही बैटिंग कर रहे थे. वह एक घंटे तक बैटिंग करते रहे. एमएसके प्रसाद और मैं एक-दूसरे को देख रहे थे. हमने तैयारी कर ली थी कि उन्हें सबसे सही तरीके से कैसे बताना है. इसलिए हम उनके पास गए और कहा कि माही मुझे लगता है कि यह आगे बढ़ने का सही समय है. परांजपे ने आगे कहा कि उन्होंने (धोनी) MSK से कहा कि अन्ना यह एकदम सही फैसला है. मुझे बताओ कि आप मुझसे क्या चाहते हो. MSK ने उनसे कहा कि उन्हें लिखकर देना होगा कि आप आगे बढ़ने के लिए तैयार हो.
देर रात मिला ईमेल
धोनी के हटने के फैसले ने कोहली के लिए पूरी कप्तानी संभालने का रास्ता बना दिया. पहले से ही भारत के टेस्ट कप्तान कोहली ने टीम को सबसे लंबे फॉर्मेट में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था और धोनी के रहते हुए उन्होंने इंग्लैंड में 2019 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कप्तानी की थी. परांजपे ने आगे कहा कि एमएसके की बात सुनकर धोनी ने कहा कि ठीक है, मैं यह करूंगा. देर रात, हमें एक ईमेल मिला कि मैं पद छोड़ना चाहूंगा. परांजपे ने कहा कि हमें यह फैसला लेना पड़ा. इसके लिए हमारी आलोचना भी हुई, लेकिन ये मुश्किल फैसले हैं जो आपको लेने होते हैं.

