रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को खरीदने के लिए रेस तेज हो गई है. सीरम इंस्टीट्यूट के मालिक अदार पूनावाला के रुचि दिखाने के बाद अब सामने आया है कि नौ पार्टी इस फ्रेंचाइज में दिलचस्पी ले रही है. ताजा नाम एवराम ग्लेजर परिवार का है जो इंग्लिश प्रीमियर लीग की टीम मैनचेस्टर यूनाइटेड का स्वामित्व भी रखते हैं. उन्होंने आरसीबी की वैल्यू 1.8 बिलियन डॉलर यानी 16 हजार करोड़ रुपये के आसपास रखी है. इसका मतलब है कि अगर सब सही रहता है तो ग्लेजर परिवार आरसीबी के लिए 16 हजार करोड़ रुपये खर्च कर सकते हैं. वे पहले भी आईपीएल टीम लेने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.
आरसीबी 2008 से आईपीएल का हिस्सा है. उसने 2025 में पहली बार खिताब जीता था. वहीं इस फ्रेंचाइज की महिला टीम दो बार वीमेंस प्रीमियर लीग जीत चुकी है. अभी आरसीबी पहली फ्रेंचाइज बनी जहां वह आईपीएल और डब्ल्यूपीएल दोनों में डिफेंडिंग चैंपियन है. स्मृति मांधना की कप्तानी में डब्ल्यूपीएल में इस टीम ने दिल्ली कैपिटल्स को हराकर खिताब जीता था. वहीं रजत पाटीदार के नेतृत्व में टीम पहली बार आईपीएल विजेता बनी थी.
कितनी आंकी जा रही आरसीबी की वेल्यूएशन
State of Play वेबसाइट के अनुसार, आरसीबी की वेल्यूएशन 1 से 1.8 बिलियन डॉलर के बीच आंकी जा रही है. इसके तहत नौ पार्टियों ने अपनी बोली पेश की है. हालांकि यह मामला अभी शुरुआती स्टेज पर ही है. कहा जा रहा है कि अगले सप्ताह तक आरसीबी की बोली का दूसरा स्टेज शुरू होगा. इसमें आरसीबी नौ बोलियों में से छंटनी करेगी और जिन्हें शॉर्टलिस्ट करेगी वह फिर मुख्य बोली में शामिल होंगे.
आरसीबी के लिए कौनसी कंपनियां लगा सकती हैं बोली
आरसीबी को लेने के लिए सिंगल कंपनियों के साथ कंपनियों का गुट भी शामिल हो रहा है और इसके तहत बातचीत जारी है. ग्लेजर परिवार लांसर कैपिटल के जरिए आरसीबी के साथ ही राजस्थान रॉयल्स को खरीदने में भी रुचि दिखा रहा है. ग्लेजर परिवार के अलावा मणिपाल एजुकेशन व मेडिकल ग्रुप के डॉक्टर रंजन पई भी आरसीबी का मालिकाना हक लेना चाहते हैं. वे प्राइवेट इक्विटी फर्म केकेआर और सिंगापुर सॉवेरन फंड टेमासेक के साथ मिलकर कंसोर्टियम बनाने पर काम कर रहे हैं.

