'गौतम गंभीर को सही भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए था', ली फोर्टिस के साथ लड़ाई पर मैथ्यू हेडन ने तोड़ी चुप्पी

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भारतीय टीम स्टाफ से बात करते ली फोर्टिस
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मैथ्यू हेडन ने गौतम गंभीर पर बयान दिया है

हेडन ने कहा कि क्यूरेटर के साथ वो अच्छी भाषा का इस्तेमाल कर सकते थे

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच के दौरान उस वक्त बवाल हो गया जब मुकाबले की शुरुआत से पहले ही गौतम गंभीर ओवल के पिच क्यूरेटर से भिड़ गए. दोनों के बीच काफी बहस हुई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. इस मुद्दे पर सभी ने अपनी अपनी राय दी लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर मैथ्यू हेडन ने कुछ अलग कहा है. 

हेडन ने ऑल ओवर बार द क्रिकेट पर कहा कि, इंग्लैंड में ऐसा ही होता है. ये थोड़ा फ्लेक्स जैसा है कि हम सीरीज के आखिरी मैच में हैं. ये मेरा मैदान है. और हम गौतम गंभीर के लिए मुश्किल कर देंगे. लेकिन मुझे लगता है कि गौतम गंभीर यहां और शांत हो सकते थे. वो अच्छी भाषा का इस्तेमाल कर सकते थे. लेकिन सच्चाई यही थी कि उनकी टीम यहां इंग्लैंड से पहले ट्रेन करना चाहती थी.

सितांशु कोटक ने दी थी सफाई

बता दें कि भारतीय टीम मैनेजमेंट ने ओवल के मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहा. बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई दी और कहा कि, जब हम पिच को देख रहे थे तब पिच क्यूरेटर ने हमें 2.5 मीटर दूर रहने के लिए कहा. हमने जॉगर्स पहने थे. हमें काफी अजीब लगा. अगर आप पिच को रबर स्पाइक्स पहनकर देख रहे हैं तो इसमें कोई गलत बात नहीं है. हमने यहां देखा कि मैदान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. ये एक पिच है कोई अनोखी चीज नहीं. 

सितांशु कोटक ने आगे बताया था कि, क्यूरेटर पहले हमारे सपोर्ट स्टाफ पर चिल्लाया और ये तब हुआ जब वो लोग आइस बॉक्स रखने की कोशिश कर रहे थे. इसी के चलते गौतम गंभीर को गुस्सा आ गया. हर कोई जानता है कि द ओवल के क्यूरेटर से बात करना कितना मुश्किल है. अंत में सितांशु ने ये भी कहा कि वो किसी भी तरह की ऑफिशियल शिकायत नहीं करेंगे.