सलमान अली आगा के रन आउट पर बवाल काटने वाले पाकिस्तान को क्रिकेट नियमों के संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने दो टूक जवाब दिया है. तीन मैचों की सीरीज के दूसरे वनडे में पाकिस्तान के सलमान अली आगा को बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज ने गेंदबाजी छोर पर रन आउट किया था, जिस पर बवाल मच गया था. नियमों पर उठने लगे थे, जिसके बाद अब MCC का कहना है कि आगा को रन आउट देने का फैसल नियमों के तहत पूरी तरह सही था.
अंपायर के पास नहीं था कोई दूसरा विकल्प
एमसीसी ने अपने बयान में कहा कि नियमों के अनुसार अंपायर के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था. नॉन-स्ट्राइकर साफतौर से क्रीज से बाहर था. जब गेंद को विकेट पर थ्रो किया गया, तब वह खेल का हिस्सा थी. ऐसे में यह आउट था. एमसीसी ने यह भी कहा कि आगा ने गेंद के खेल में रहते हुए क्रीज छोड़ी थी और टक्कर के बाद वापस लौटने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने कहा कि किसी भी बल्लेबाज को फील्डिंग टीम की अनुमति के बिना गेंद उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. ऐसा करने पर ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ के तहत आउट होने का खतरा रहता है. बल्लेबाज को उस समय का उपयोग क्रीज में लौटने के लिए करना चाहिए था.
आईसीसी ने लगाई फटकार
आगा इस मैच में 64 रन बनाकर आउट हुए. उन्होंने नाराजगी में हेलमेट और ग्लव्स फेंक दिए थे. आईसीसी ने उन्हें फटकार लगाई और आचार संहिता के लेवल एक उल्लंघन के लिए एक डिमेरिट अंक भी दिया. एमसीसी ने यह सुझाव भी खारिज किया कि गेंद को ‘डेड बॉल’ घोषित किया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि सिर्फ खिलाड़ियों की टक्कर से गेंद डेड नहीं होती. अगर ऐसा होने लगा तो खिलाड़ी फायदे के लिए जानबूझकर टकराने की कोशिश करेंगे. यहां कोई गंभीर चोट नहीं थी और यह भी स्पष्ट नहीं था कि सभी खिलाड़ियों ने गेंद को खेल से बाहर मान लिया था, क्योंकि मेहदी इसे खेल में मान रहे थे.
इस विवाद के बावजूद पाकिस्तान ने इस मैच में 128 रन से जीत दर्ज करके सीरीज में 11 से बराबरी की थी, मगर तीसरा वनडे बांग्लादेश ने 11 रन से जीतकर सीरीज भी अपने नाम कर ली थी.

