मेघालय और नगालैंड के बीच शिलॉन्ग में रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का मुकाबला खेला जा रहा है, जहां मेघालय की टीम पहली पारी में 144 रन पर ढेर हो गई और वह बैकफुट पर आ गई है. दरअसल इस मुकाबले में मेघालय की जो टीम मैदान पर उतरी है, वह नई है. टीम में वो खिलाड़ी नहीं हैं, जो पिछले तीन मैच खेले. दरअसल इस मैच के शुरू होने से ठीक एक दिन पहले मेघालय की उस टीम को सस्पेंड कर दिया था और उसकी जगह मेघालय की एक नई टीम नगालैंड के खिलाफ उतरी. मैच से पहले पुरानी वाली टीम ने हमेशा की तरह अभ्यास किया था, मगर शाम को उन्हें मैच रेफरी ने फोन पर बताया कि अब वे राज्य संघ का प्रतिनिधित्व करने वाली आधिकारिक टीम नहीं रहे.
क्या है पूरा मामला
मेघालय क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के अध्यक्ष जेम्स संगमा और इसकी एपेक्स काउंसिल के बीच पिछले कुछ महीनों से आपसी खींचतान चल रही है, जिसने एक और गंभीर मोड़ ले लिया है. कानूनी लड़ाई के बीच राज्य के हाई कोर्ट ने संगमा के पक्ष में फैसला सुनाया है. कोर्ट ने एपेक्स काउंसिल की चुनी गई उस टीम को अमान्य करार दिया, जिसने पहले ही तीन राउंड के मैच खेल लिए थे. यह विवाद तब शुरू हुआ जब खिलाड़ियों से जुड़े यौन उत्पीड़न की शिकायतों को कथित तौर पर छिपाने के आरोप में सचिव रेनॉल्ड खार्कमनी को सस्पेंड कर दिया गया. खार्कमनी के गुट ने इस फैसले के खिलाफ अपील की, लेकिन हाई कोर्ट ने उनके सस्पेंशन को बरकरार रखा और उनके कार्यकाल में पारित सभी प्रस्तावों को अवैध घोषित कर दिया. इसके बाद संगमा के गुट ने जल्दबाजी में एक नई टीम चुन ली, जिसमें एपेक्स काउंसिल द्वारा चुने गए किसी भी खिलाड़ी को शामिल नहीं किया गया. इस कदम ने खिलाड़ियों के भविष्य को अधर में डाल दिया है.
बीसीसीआई सचिव का बयान
इस पूरे मामले में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया का कहना है कि मेघालय हाई कोर्ट में अध्यक्ष के गुट और सचिव (खरकमनी) के बीच एक कानूनी मामला चल रहा है. हाल में कोर्ट ने अध्यक्ष के गुट के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्होंने ही टीम चुनी है.
ड्रेसिंंग रूम बंद, पुलिस को बुलाया गया
राहुल दलाल ने बताया कि किसी ने उनके मैनेजर को धमकी दी, जिसके बाद वे टीम छोड़कर चले गए. कप्तान ने मैच रेफरी को एक आवेदन लिखकर बताया कि उनकी टीम को धमकियां मिल रही हैं. मैच रेफरी दूसरे होटल में चले गए और शाम 7 बजे तक उन्हें बताया गया कि नए खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है. बल्लेबाज ने बताया कि इन सब हंगामों के बाद भी वह अगले दिन मैदान पर गए. ड्रेसिंग रूम बंद था. राहुल ने बताया कि उन लोगों को लगा था कि वह लोग हंगामा करेंगे. पुलिस को बुला लिया गया. संगमा आए और उन्होंने जो कुछ हुआ उसके लिए माफी मांगी और अपना पक्ष रखा. इसके बाद में ड्रेसिंग रूम खोला गया और वह वापस अंदर गए. दलाल इससे काफी निराश हैं. उनका कहना है कि बहुत सारी मेहनत बेकार चली गई. उनके पास प्लेट ग्रुप जीतने का मौका था. टीम 12 अंकों के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर है, जिसमें उसने एक मैच जीता है और एक में उसे हार मिली है.
प्लेट ग्रुप
| टीम |
मैैच |
जीत |
हार |
टाई |
ड्रॉ |
PTS |
|---|---|---|---|---|---|---|
| मणिपुर | 3 | 2 | 1 | 0 | 0 | 12 |
| मेघालय | 3 | 1 | 0 | 0 | 2 | 12 |
| सिक्किम | 3 | 1 | 0 | 0 | 2 | 9 |
| मिजोरम | 3 | 0 | 1 | 0 | 2 | 4 |
| नगालैंड | 2 | 0 | 0 | 0 | 2 | 4 |
| अरुणाचल प्रदेश | 2 | 0 | 2 | 0 | 0 | 0 |
- मेघालय और सिक्किम के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा. सिक्किम ने पहली पारी में 245 रन बनाए थे, जिसके जवाब में मेघालय ने 395 रन बनाए. सिक्किम ने इसके बाद मैच के आखिरी दिन तक अपनी दूसरी पारी में सात विकेट पर 291 रन बनाए थे.
- मेघालय ने मणिपुर के खिलाफ रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के अपने दूसरे मुकाबले में तीन रन से हाईवोल्टेज जीत हासिल की. मेघालय के पहली पारी में 380 रन बनाए थे, जिसके बाद मणिपुर की पहली पारी को 277 रन पर समेट दिया. इसके बाद दूसरी पारी में 172 रन और बनाकर मेघालय ने मणिपुर के सामने जीत के लिए 276 रन का लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में मणिपुर की टीम 272 रन ही बना सकी.
- मेघालय ने प्लेट ग्रुप का अपना तीसरा मैच मिजोरम के खिलाफ खेला था, जो ड्रॉ रहा था. मेघालय ने अपनी पहली पारी में 562 रन बनाए, जिसके जवाब में मिजो टीम ने 430 रन बनाए. मेघालय ने दो विकेट पर 60 रन बनाकर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी थी. हालांकि दिन का खेल खत्म होने तक इस मैच का नतीजा नहीं निकला और यह मुकाबला भी ड्रॉ हो गया.



