करीब 13 साल पहले चेन्नई में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले धुरंधर ने 38 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. न्यू साउथ वेल्स के कप्तान मोइजेस हेनरिक्स ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. वह 2024-25 सीजन तक इस फॉर्मेट से दूर रहेंगे.
ऑस्ट्रेलिया के लिए चार टेस्ट मैच खेलने वाले 38 साल के हेनरिक्स वन-डे कप में एनएसडब्लू के लिए उपलब्ध रहेंगे और सिडनी सिक्सर्स के साथ उनके मौजूदा कॉन्ट्रेक्ट में एक सीजन बच है, जिसके वे कप्तान भी हैं. हेनरिक्स नवंबर के शुरू से ही शेफील्ड शील्ड में न्यू साउथ वेल्स के लिए कोई मैच नहीं खेले थे. सीजन से पहल वनडे कप्तान बनने वाले जैक एडवर्ड्स ने बाकी अभियान टीम की कप्तानी की थी, जहां न्यू साउथ वेल्स चौथे स्थान पर रही थी.
ऑलराउंडर हेनरिक्स ने कहा-
मैंने इस साल क्रिसमस से पहले ही तय कर लिया था कि अब शेफील्ड शील्ड खेलना बंद कर देना चाहिए.इतने लंबे समय तक इस स्टेट के लिए खेलना और प्तानी करना सम्मान की बात थी, लेकिन न्यू साउथ वेल्स के लिए खेलना केवल शब्दों और तैयारी के जरिए से ही नहीं, बल्कि प्रदर्शन के जरिए से भी नेतृत्व करना है.
मैंने इस साल क्रिसमस से पहले ही तय कर लिया था कि अब शेफील्ड शील्ड खेलना बंद कर देना चाहिए.इतने लंबे समय तक इस स्टेट के लिए खेलना और प्तानी करना सम्मान की बात थी, लेकिन न्यू साउथ वेल्स के लिए खेलना केवल शब्दों और तैयारी के जरिए से ही नहीं, बल्कि प्रदर्शन के जरिए से भी नेतृत्व करना है.
इस उम्र में भी मेरा शरीर अभी भी सक्षम है, लेकिन मैं खेल के लंबे फॉर्मेट में अपने स्टेट के लिए मैच जीतकर नेतृत्व नहीं कर पा रहा था, जो मुझे लगता है कि इस उम्र में आपको करना ही चाहिए. हमारे पास युवा खिलाड़ियों का एक शानदार ग्रुप है, जो इस स्टेट को आगे लेकर जाएंगे और मैं उन पर नजर रखूंगा. मुझे काम करने के लिए एक ऐसा माहौल देने के लिए मैं उनका धन्यवाद करना चाहूंगा.
131 फर्स्ट क्लास मैचों में हेनरिक्स ने 34.84 की एवरेज से 6830 रन बनाए, जिसमें 13 शतक शामिल हैं. वहीं 30.75 की औसत से 127 विकेट लिए हैं. एक समय उन्हें ऑस्ट्रेलिया के भविष्य का सितारा माना जा रहा था. उन्होंने 2013 में चेन्नई में भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था. डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में 68 और दूसरी पारी में नॉटआउट 81 रन बनाए थे. ये वही मैच है, जिसमें एमएस धोनी ने 224 रन की पारी खेलकर टीम इंडिया को 8 विकेट से जीत दिला दी थी.