रणजी ट्रॉफी में कमाल नहीं कर पाने के चलते जिस खिलाड़ी को बाहर किया गया था उसने लोकल टूर्नामेंट्स में रनों का अंबार लगा दिया. मुंबई के विकेटकीपर बल्लेबाज प्रसाद पवार ने यह काम किया. उन्हें दो सीजन पहले मुंबई की रणजी टीम में कमजोर खेल के चलते ड्रॉप कप दिया गया था. अब इस खिलाड़ी ने दो साल के अंदर 12 शतक अलग-अलग टूर्नामेंट में ठोक दिए. इस दौरान उन्हें पूर्व क्रिकेटर प्रवीण आमरे का सहयोग मिला. इस खेल के जरिए प्रसाद ने फिर से वापसी का पुरजोर दावा पेश किया.
प्रसाद ने मुंबई के लोकल टूर्नामेंट जैसे टाइम्स शील्ड ए डिवीजन, एमसीए कॉर्पोरेट ट्रॉफी ए डिवीजन, पुलिस शील्ड, पुरुषोत्तम शील्ड और यंग कॉमरेट शील्ड में हिस्सा लिया और यहां रन बनाए. इन्हीं टूर्नामेंट्स में उन्होंने 12 शतक बनाए. हाल ही में प्रसाद की कप्तानी में मुंबई कस्टम्स की टीम डीवाई पाटिल टी20 कप जीतने में सफल रही. वे इस इवेंट के प्लेयर ऑफ दी टूर्नामेंट रहे.
प्रसाद ने मुंबई टीम से बाहर होने और लोकल टूर्नामेंट्स में खेलने के बारे में मुंबई मिरर को बताया, 'मैंने अपनी ट्रेनिंग की इंटेंसिटी को बढ़ा दिया और अपनी डाइट व फिटनेस पर ज्यादा ध्यान दिया. मेरी कोशिशें दुगुनी हो गईं. मैं पूरी ताकत से लड़ना चाहता था और अपनी वापसी को बड़ा बनाना चाहता था. इसकी वजह से अब मुझे नतीजे मिल रहे हैं. बाहर किए जाने पर मैंने हार नहीं मानी.'
प्रसाद ने प्रवीण आमरे से ली मदद
प्रसाद ने मुंबई टीम से ड्रॉप किए जाने पर आमरे की मदद की. यह पूर्व क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे और श्रेयस अय्यर को भी कोचिंग दे चुका है. प्रसाद ने कहा कि आमरे के साथ वे चार साल से काम कर रहे हैं. इससे उनकी बैटिंग और माइंडसेट दोनों में सुधार आया है.

