कभी घरेलू क्रिकेट में युवराज सिंह, शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने वाले भारतीय मूल के क्रिकेटर निखिल चौधरी अब ऑस्ट्रेलिया के लिए इंटरनेशनल डेब्यू करने की कगार पर हैं. दिल्ली में जन्मे ऑलराउंडर निखिल को बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली T20I सीरीज़ के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम में शामिल किया गया है. इससे वे छह दशकों से भी ज़्यादा समय में ऑस्ट्रेलिया के लिए इंटरनेशनल लेवल पर खेलने वाले भारत में जन्में पहले पुरुष क्रिकेटर बनने की दौड़ में शामिल हो गए हैं.
ये भारतीय भी ऑस्ट्रेलिया के लिए खेले
अगर निखिल को चुना जाता है, तो चौधरी भारत में जन्में ऐसे दूसरे पुरुष क्रिकेटर होंगे जो ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करेंगे. उनसे पहले गुजरात में जन्में लेग-स्पिनर रेक्स सेलर्स ने 1964 में कलकत्ता में टेस्ट मैच खेला था. हाल के सालों में ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय मूल के कई खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है, जिनमें गुरिंदर संधू और तनवीर संघा शामिल हैं, जबकि पुणे में जन्मीं लिसा स्थालेकर ने महिला टीम के साथ शानदार इंटरनेशनल करियर बिताया है.
निखिल का सफर
चौधरी के लिए यह बुलावा उस शानदार सफर का नतीजा है, जो दिल्ली से शुरू हुआ, फिर भारत के घरेलू क्रिकेट सर्किट से गुजरा और आख़िरकार उन्हें तस्मानिया ले गया. ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले उन्होंने पंजाब के लिए 14 लिमिटेड-ओवर मैच खेले और मुंबई इंडियंस के साथ ट्रायल भी दिया था, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान ऑस्ट्रेलिया की यात्रा ने उनके करियर की दिशा बदल दी. इंटरनेशनल बॉर्डर बंद होने के कारण चौधरी ऑस्ट्रेलिया में ही रुक गए और क्लब क्रिकेट में मौके तलाशने लगे. यह रास्ता बिल्कुल भी आसान नहीं था. गुजारा करने के लिए उन्होंने कई तरह के काम किए, जिनमें एक मैक्सिकन रेस्टोरेंट में काम करना और बाद में पोस्टल डिलीवरी वर्कर के तौर पर काम करना शामिल था.
जेम्स होप्स के कारण बदली किस्मत
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर जेम्स होप्स ने होबार्ट हरिकेन्स को उनके नाम का सुझाव दिया, जिसके बाद उनकी किस्मत बदल गई. तस्मानिया आने के बाद से चौधरी ने खुद को एक बेहतरीन ऑलराउंडर और फैंस के पसंदीदा खिलाड़ी के तौर पर स्थापित किया है. वे अपनी आक्रामक बैटिंग, लेग-स्पिन बॉलिंग और कबड्डी-स्टाइल में विकेट का जश्न मनाने के लिए जाने जाते हैं. ऑस्ट्रेलिया के सेलेक्टर टोनी डोडेमेड ने कहा कि बिग बैश लीग में चौधरी के शानदार प्रदर्शन की वजह से ही उन्हें यह मौका मिला है. डोडेमेड ने कहा कि पैनल उनके BBL फ़ॉर्म, खासकर पिछले सीजन के प्रदर्शन से काफ़ी प्रभावित हुआ है, जिसके चलते उन्हें टीम में शामिल किया गया है.


