भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ ने सुपरस्टार कल्चर पर जवाब दिया है. उन्होंने वर्तमान हेड कोच गौतम गंभीर के भारतीय क्रिकेट से इस कल्चर को समाप्त करने के बयान से उलट बात कही है. राहुल द्रविड़ ने बताया कि बिना अच्छा प्रदर्शन करे कोई भी हीरो नहीं बन सकता है. साथ ही हीरो बनने पर सिर्फ तारीफ ही नहीं मिलती बल्कि गालियां भी पड़ती हैं.
राहुल द्रविड़ ने सुपरस्टार कल्चर पर गंभीर को क्या जवाब दिया
द्रविड़ ने विजडन से बातचीत में सुपरस्टार कल्चर के सवाल पर कहा, 'हर खेल को इसके हीरो की जरूरत होती है और मुझे नहीं लगता कि लोग बिना प्रदर्शन किए हीरो बन जाते हैं. अगर आप मैदान पर खेल नहीं दिखाओगे तो एक देश का ध्यान नहीं खींच सकते हैं. यह बात भारत पर विशेष रूप से लागू होती है जहां आप जो कुछ करते हैं उसके लिए काफी तारीफ मिलती है लेकिन आलोचना भी खूब होती है. लगातार आप पर ध्यान रहता है और कसौटी पर कसा जाता है. इसलिए भारत में लेजेंड या सुपरस्टार बनने का मतलब है कि आपने बहुत सारी चीजें सही की हैं और इस प्रक्रिया में आपने टीम को जिताने में भी मदद की है.'
गौतम गंभीर ने सुपरस्टार कल्चर पर क्या कहा था
गंभीर ने जुलाई 2024 में भारतीय टीम के कोच बनने के बाद से लगातार सुपरस्टार कल्चर पर हमले बोले हैं. वे कहते रहे हैं कि टीम में एक या दो बड़े नामों के प्रदर्शन के बजाए पूरी टीम के खेल पर फोकस रहना चाहिए. एक या दो खिलाड़ी मिलकर टीम नहीं बनाते हैं. अगर एक मजबूत टीम होगी जहां पर व्यक्तिगत कीर्तिमान पर ध्यान नहीं रहेगा तो सफलता मिलने के ज्यादा मौके आएंगे. उनका कहना है कि वे सुपर टीम बनाना चाहते हैं.
गंभीर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा था, 'मीडिया सुपरस्टार्स बनाना चाहता है लेकिन हेड कोच के तौर पर मेरा काम सुपर टीम बनाना है. मैं अपने काम को इसी तरह से देखता हूं. मैं पूरी तरह से निष्पक्ष, समान और हरेक के साथ बराबरी से बर्ताव करना चाहता हूं. मेरे लिए ड्रेसिंग रूम में मौजूद वे सभी 15 लोग समान हैं. मैं नहीं देखता कि उन्होंने कितने रन बनाए. उनके सोशल मीडिया पर कितने फॉलोअर्स हैं. मैं बस यह देखता हूं कि वे टीम और देश के लिए क्या कर सकते हैं.'

