भुवनेश्वर कुमार को भारत के लिए खेले हुए लगभग चार साल हो चुके हैं, लेकिन अनुभवी तेज गेंदबाज एक बार फिर नेशनल टीम में चुने जाने के लिए मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं. हाल के IPL सीजन में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए शानदार गेंदबाजी की और टीम को खिताब बचाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कुल 28 विकेट लिए, जो पर्पल कैप जीतने वाले कगिसो रबाडा से सिर्फ एक कम था. उनका असर इतना जबरदस्त था कि सचिन तेंदुलकर ने भी लगभग दो मिनट का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे 36 साल के इस खिलाड़ी ने बल्लेबाजों को चकमा देने के लिए 'वबल सीम' का असरदार तरीके से इस्तेमाल किया.
सेलेक्टर्स का काम है सेलेक्शन करना
'द इंडियन एक्सप्रेस' के अनुसार भुवनेश्वर ने कहा कि उनका स्वभाव ऐसा है कि वह यह दिखाना नहीं चाहते कि वह खेलना चाहते हैं. उन्हें लगता है कि हर कोई अपना काम कर रहा है. चयनकर्ता अपना काम कर रहे हैं और वह अपना काम कर रहे हैं. टीम चुनना उनकी ज़िम्मेदारी है. अगर उन्हें लगता है कि वह इसके लायक हैं, तो वे अपना काम करेंगे.
भले ही भुवनेश्वर अपनी संभावनाओं को कम करके आंक रहे हों, लेकिन उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करने से मिलने वाले सम्मान को माना और कहा कि ऐसा कर पाने के लिए वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने खेला है. उन्होंने वह सब किया जो उन्हें करना था. अगर वह नहीं खेले होते, तो वह कोई मैच खेलने का मौका पाने के लिए बेताब रहता. उन्हें लगता है कि भारत के लिए खेलना एक बड़ी बात है. वह इसे छोटी बात नहीं कहेंगे. वह उन भाग्यशाली लोगों में से हैं, जिन्हें खेलने का मौका मिला.
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