संदीप पाटिल 4 साल पहले भारत के चीफ सेलेक्टर थे. उस दौरान उनकी कमिटी ने भारतीय क्रिकेट में कई बदलाव किए थे. इसमें युवराज सिंह, सचिन तेंदुलकर का नाम शामिल था. अब तक उन्होंने इस मुद्दे पर कोई खुलासा नहीं किया था लेकिन अब उन्होंने एक पॉडकास्ट में अहम बयान दिया है.
इसके बाद संदीप से जब पूछा गया कि जब कमिटी ने युवराज सिंह को ड्रॉप करने का फैसला किया, इसपर धोनी का क्या रिएक्शन था. इसको लेकर संदीप ने कहा कि, धोनी को सेलेक्शन कमिटी पर पूरा भरोसा था और उन्होंने कुछ नहीं कहा. योगराज सिंह के गुस्से को लेकर संदीप ने कहा कि, एक पिता को अपने बेटे पर पूरा भरोसा होता है लेकिन किसी और को गलत बताना सही नहीं है.
सचिन के साथ हुई जब मीटिंग
साल 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज हार के बाद पाटिल और सेलेक्टर राजेंद्र सिंह हंस ने सचिन तेंदुलकर से मुलाकात की. इसके बाद पाटिल ने सचिन से पूछा कि आपके क्या प्लान्स हैं? इसपर उनका जवाब था, क्यों? फिर मैंने उन्हें कहा कि कमिटी रिप्लेसमेंट का सोच रही है और इसपर वो चौंक गए. उन्होंने मुझे फिर बुलाया और पूछा कि क्या तुम सीरियस हो. इसपर उन्होंने हां कहा.
कमिटी ने कभी सचिन को रिटायर या ड्रॉप करने के लिए नहीं कहा
पाटिल ने कहा कि, कमिटी ने कभी भी सचिन तेंदुलकर को रिटायर होने और ड्रॉप करने के लिए नहीं कहा. पाटिल ने बताया कि सेलेक्टर्स खिलाड़ी को ड्रॉप कर सकते हैं. सेलेक्टर्स ये कह सकते हैं कि एक खिलाड़ी का करियर खत्म हो चुका है. हमने फिर उनके प्लान्स पूछे और उन्होंने कहा कि, वो आगे खेलना चाहते हैं. बता दें कि तेंदुलकर ने बाद में रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया और मुझसे कहा कि मैं रिटायर हो रहा हूं.

