सरफराज खान ने अब भविष्य के बारे में ज्यादा सोचना बंद कर दिया है. लगातार रन बनाने के बाद भी सेलेक्टर्स का ध्यान अब उनपर नहीं है. पिछले एक सालों मुंबई के बल्लेबाज ने अपने करियर में काफी उतार चढ़ाव देखा है. लेकिन इसके बावजूद सरफराज तगड़ा प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि अब तक सेलेक्टर्स ने उन्हें ये नहीं बताया है कि उन्हें टीम इंडिया से बाहर क्यों किया गया है.
सरफराज ने हैदराबाद के खिलाफ 5वां दोहरा शतक ठोका था. सरफराज का ये दोहरा शतक अहम मैच में आया था. क्योंकि मुंबई को जीत मिली थी. सरफराज ने कहा कि वो व्हाइट बॉल क्रिकेट पर फोकस करना चाहते हैं.
व्हाइट बॉल क्रिकेट पर है मेरा फोकस: सरफराज
सरफराज ने कहा कि, मैं व्हाइट बॉल क्रिकेट में बहुत मेहनत कर रहा हूं. मुझे भारत के लिए सफेद गेंद वाले मैच खेलने हैं, इसलिए मैं इस पर पूरा ध्यान दे रहा हूं. मैं मुशीर के साथ भी काम कर रहा हूं. उसकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी एक-दूसरे की मदद करती हैं. उसके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं है. मुशीर एक दिन भारतीय टीम का कप्तान बनेगा. मैं उस पर नजर रखता हूं. वो अभी युवा है और तीनों फॉर्मेट में खेलता है. जब मैं क्रिकेट खेलता था, तो पापा घर जाकर उदास हो जाते थे क्योंकि मैं गेंद नहीं डाल पाता था. लेकिन मुशीर के खेलना शुरू करने के बाद पापा को पता है कि अगर बल्लेबाजी में आउट हो भी जाए, तो गेंदबाजी कर सकता है. और अगर गेंदबाजी में विकेट नहीं मिले, तो बल्लेबाजी कर सकता है.
चेन्नई में शामिल हुए सरफराज
सरफराज को चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL में चुना है. वो खुद को बहुत खुशकिस्मत मानते हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वो इस टीम के लिए खेलेंगे. उनका सपना था कि इस दौर के बड़े-बड़े खिलाड़ियों के साथ खेलें. वो विराट भाई के साथ RCB में खेल चुके हैं. रोहित भाई के साथ खेलने का मौका कभी सोचा नहीं था, लेकिन टेस्ट टीम में मिल गया. महेंद्र सिंह धोनी भाई के साथ खेलने का तो बिल्कुल नहीं सोचा था, खासकर जब वो इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हो चुके थे. लेकिन IPL में अनसोल्ड रहने के बाद CSK ने मुझे चुना. मैं खुद को बहुत लकी मानता हूं.

