IPL 2026 में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी के लिए लगी ब्रांड्स की लाइन, ड्रिंक्स न्यूट्रिश‍ियन प्रोडक्ट समेत इन कंपन‍ियों ने पेश की डील

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 का ऑरेंज कैप जीता. (BCCI/IPL)
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 का ऑरेंज कैप जीता. (BCCI/IPL)

Story Highlights:

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 का ऑरेंज कैप जीता.

वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज हैं.

वैभव सूर्यवंशी के IPL 2026 के शानदार प्रदर्शन ने उनके लिए ब्रांड्स की लाइन लगा दी. आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 15 साल के सूर्यवंशी भारतीय खेल जगत के सबसे ज़्यादा मांग वाले चेहरों में से एक बन गए हैं. इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार कई बड़े ब्रांड्स पहले से ही राजस्थान रॉयल्स के इस बैटिंग सेंसेशन को साइन करने के लिए बातचीत कर रहे हैं. इनमें स्पोर्ट्स ड्रिंक्स, क्रिकेट के सामान, न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स और परफॉर्मेंस फुटवियर जैसी कैटेगरी की कंपनियां शामिल हैं, जो एंडोर्समेंट डील्स पक्की करने को लेकर काफी उत्सुक हैं. 


यादगार सीजन

सूर्यवंशी ने IPL 2026 का समापन टूर्नामेंट के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के तौर पर किया. उन्होंने 16 पारियों में 48.5 की औसत और 237.3 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से कुल 776 रन बनाए. उनके इस अभियान में एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल थे, जिसकी बदौलत उन्होंने 'ऑरेंज कैप' और 'मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर'  समेत कुल अवॉर्ड अपने नाम किए. यहां तक कि फाइनल में पहुंचे शुभमन गिल और साई सुदर्शन भी रन बनाने के मामले में उनकी बराबरी नहीं कर पाए. सूर्यवंशी IPL के इतिहास में 'ऑरेंज कैप' जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए. महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में उन्होंने सुदर्शन के नाम दर्ज पिछले रिकॉर्ड को आसानी से पीछे छोड़ दिया. 

सूर्यवंशी में क्यों द‍िलचस्पी ले रहे हैं ब्रांड्स ? 

कार्यकारी अधिकारियों का मानना ​​है कि ब्रांड्स एक ऐसे खिलाड़ी के साथ जल्द से जल्द जुड़ना चाहते हैं जिसे व्यापक रूप से लंबे समय के निवेश के रूप में देखा जाता है. एक कार्यकारी अधिकारी ने अनुसार पहले मौका पाने के लिए ब्रांड्स उन्हें साइन करने के लिए कतार में लगे हैं. उनका करियर अभी लंबा है. उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल एंडोर्समेंट बाजार में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले भारतीय क्रिकेट सितारों की कमी है. दिलचस्प बात यह है कि कंपनियां अब पारंपरिक लंबे समय के कॉन्ट्रेक्ट की बजाय दो से तीन साल के छोटे समझौतों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे उन्हें खिलाड़ी के भविष्य के प्रदर्शन और लोकप्रियता के आधार पर अधिक लचीलापन मिलता है.

सूर्यवंशी टीम इंडिया के साथ क्या इंग्लैंड दौरे पर जाएंगे? BCCI का अगरकर को मैसेज