सूर्यकुमार यादव का कहना है कि वह भारत के लिए टेस्ट खेलना चाहते हैं. लेकिन वनडे फॉर्मेट उन्हें समझ नहीं आया. सूर्यकुमार यादव भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेले हैं लेकिन टी20 क्रिकेट की टीम में ही जगह पक्की कर पाए. टेस्ट और वनडे में उन्हें सफलता नहीं मिली. उनका कहना है कि टी20 फॉर्मेट में हाथ सेट हो गया. सूर्या के नाम एक टेस्ट और 37 वनडे मुकाबले हैं.
सूर्यकुमार यादव ने पीटीआई से बातचीत में टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल पाने की निराशा जाहिर की. उन्होंने कहा, 'आपके जीवन में जो लिखा है वही मिलता है. मैंने लाल गेंद क्रिकेट के साथ शुरुआत की थी. 10-12 साल तक रणजी ट्रॉफी खेला हूं. मैंने मुंबई में काफी लाल गेंद क्रिकेट खेला है क्योंकि जब आप मुंबई में पले-बढ़े होते हैं तब लाल गेंद क्रिकेट से ही शुरुआत होती है. लेकिन जैसे जैसे सफेद गेंद से खेलने लगे वैसे-वैसे इसकी तरफ झुकाव होने लगा. फिर मैं इस फॉर्मेट (टी20) में आ गया. मैंने वनडे क्रिकेट में भी काफी मेहनत की लेकिन कुछ हुआ नहीं. टी20 में जैसा चल रहा था, उसमें अपना हाथ सेट हो गया, ऐसा बोल सकते हैं.'
क्या फिर से टेस्ट खेलना चाहते हैं सूर्या
सूर्या से पूछा गया कि क्या वे फिर से टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहेंगे तो उन्होंने जवाब दिया, 'मुझे अच्छा लगेगा क्योंकि जैसा मैंने कहा मैं 2010-11 से 2020 तक लाल गेंद क्रिकेट खेला हूं. इसलिए 10 साल लाल गेंद क्रिकेट के लिए काफी होते हैं. मुझे इस फॉर्मेट से प्यार था. अगर मौका दिया जाए तो कौन टेस्ट नहीं खेलना चाहेगा.'
सूर्यकुमार यादव ने कब खेला था टेस्ट मैच
सूर्यकुमार 35 साल के हो चुके हैं और अब उनके लिए भारतीय टेस्ट टीम में आना मुश्किल लगता है. उनका इकलौता टेस्ट 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में आया था. तब उन्होंने आठ रन एक पारी में बनाए थे. वैसे फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 86 मैच खेले हैं जिनमें 42.33 की औसत से 5758 रन बनाए. इस फॉर्मेट में उनके नाम 14 शतक हैं और 200 रन उनका सर्वोच्च स्कोर है.

