विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के मसले पर चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पॉडकास्ट में इस मसले पर बात की और बताया कि क्यों उन्हें यह फैसला करना पड़ा. विराट कोहली ने बताया कि उन्हें खेलने में मजा आता है लेकिन ऐसे माहौल में नहीं खेलना चाहते जहां पर सेलेक्शन के बाद सवाल उठाए जाए.
कोहली ने मई 2025 में टेस्ट को अलविदा कहा था. उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के सेलेक्शन से पहले यह कदम उठाया था. कोहली ने भारत के लिए 123 टेस्ट खेले और 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए. उनके नाम 30 शतक व 31 अर्धशतक रहे. कोहली का आखिरी टेस्ट ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सिडनी में था.
कोहली ने बताया किस वजह से उन्हें खेलने में होती है दिक्कत
कोहली ने कहा, 'जिस पल मुझे लगा कि लोग मेरे लिए मुश्किल खड़ी कर रहे हैं और अलग-अलग बात कर रहे हैं. या तो चुप रहो और मुझे खेलने दो या तो स्पष्ट व ईमानदार रहो. अगर आप अपने काम की जगह पर जाते हैं और लोग कहते हैं कि हमें आपकी क्षमता में भरोसा है और एक सप्ताह बाद वे तरीके पर सवाल करने लगे, तो फिर क्या मतलब. या तो मुझे पहले ही दिन कह दो कि मेरा खेल ठीक नहीं है या मेरी जरूरत नहीं लेकिन आपने कहा है कि मैं ठीक हूं और हम कुछ दूसरी बात नहीं सोच रहे तब चुप रहो.'
कोहली बोले- सिर्फ नतीजे पैमाना नहीं हो सकते
कोहली ने पॉडकास्ट ने दौरान हालांकि बताया नहीं कि वे किन लोगों की वजह से परेशान थे. उन्होंने कहा कि केवल नतीजे पैमाना नहीं हो सकते. बकौल कोहली, 'अगर आप नतीजों के हिसाब से काम करने लगे तब तो एक निरंतर रुख रह ही नहीं सकता. मैं उनमें से नहीं हूं जो इस तरह से काम करते हैं. जैसा कि मैंने कहा जब मैं खेलने आता हूं तो मुझे पता है कि कोशिश के स्तर पर मैं क्या कर सकता हूं. कोई भी कहीं पर भी प्रदर्शन की गारंटी नहीं दे सकता है. लेकिन कोशिश और समर्पण के स्तर पर मुझे पता है कि मैं योगदान दे सकता हूं क्योंकि मैंने अपनी जिंदगी ऐसे ही जी है.'

