इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के जनरल मैनेजर वसीम खान ने इस्तीफा दे दिया. वे चार साल तक इस पद पर रहे. वे जून के अंत तक पद पर रहेंगे. बताया जाता है कि जुलाई 2026 से वे कोई नई जिम्मेदारी संभाल लेंगे. वसीम खान ने मई 2022 में ज्यॉफ अलार्डिस के आईसीसी सीईओ बनने के बाद पद संभाला था. वे इससे पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सीईओ के पद पर थे. वहां पर उनका कार्यकाल तीन साल के आसपास रहा.
वसीम चौथे शख्स हैं जिन्होंने पिछले दो साल में आईसीसी से बाहर होने का फैसला किया है. उनसे पहले अलार्डिस ने पद छोड़ा था. उनकी जगह संजोग गुप्ता ने ली थी. वहीं हेड ऑफ इवेंट्स क्रिस टेटली और एंटी करप्शन यूनिट के मुखिया एलेक्स मार्शल ने भी इस्तीफे दे दिए थे. टेटली की जगह गौरव सक्सेना ने ली थी जबकि मार्शल के स्थान पर एंड्रयू एफग्रेव आए. जय शाह अभी आईसीसी चेयरमैन हैं. उन्होंने दिसंबर 2024 में पद संभाला था.
वसीम खान के कार्यकाल में क्या हुआ खास
वसीम के आईसीसी में रहने के दौरान क्रिकेट शेड्यूल पर काम हुआ. इस दौरान टी20 और टी10 लीग्स के चलते इंटरनेशनल क्रिकेट पर काफी दबाव पड़ा था. लेकिन 2023 से 2027 तक के फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम में इंटरनेशनल क्रिकेट में वृद्धि देखने को मिली. साथ ही इस दौरान पहली बार महिला का फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम भी जारी हुआ.
कौन हैं वसीम खान
वसीम खान का जन्म इंग्लैंड में हुआ. वे काउंटी क्रिकेट में खेलने वाले पहले ब्रिटेन में पैदा हुए मुस्लिम बने. 90 के दशक में वे वार्विकशर की तरफ से खेले. वे ससेक्स और डर्बीशर जैसी टीमों का हिस्सा भी बने. 1995 में जब वार्विकशर ने जब काउंटी चैंपियनशिप जीती तब वसीम टीम का हिस्सा थे. उन्होंने उस सीजन में 50 के आसपास की औसत से रन बनाए थे. बाएं हाथ के बल्लेबाज के नाम 58 फर्स्ट क्लास और 30 लिस्ट ए मुकाबले रहे. इनमें उन्होंने क्रमश: 2835 और 303 रन बनाए. उनके नाम पांच फर्स्ट क्लास शतक रहे.

