बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने पिछले एक साल में कुछ कमाल की उपलब्धियां हासिल की है. उसने पाकिस्तान को पहले पाकिस्तान और फिर अपने घर में टेस्ट सीरीज में मात दी. यह सब पहली बार हुआ. बांग्लादेश ने 9 जून को ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में पीटा. यह उसकी इस टीम पर 50 ओवर क्रिकेट फॉर्मेट में दूसरी ही जीत है और यह 21 साल बाद आई है. इन सबमें एक खिलाड़ी का खेल अहम रहा है. यह है तेज गेंदबाज नाहिद राणा. 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बॉलिंग करते हैं और कमाल का उछाल हासिल करते हैं. इससे बल्लेबाजों की जान पर शामत आ जाती है.
23 साल के नाहिद राणा ने 2024 में बांग्लादेश क्रिकेट टीम में कदम रखा था. इसके बाद से वह टीम के अहम खिलाड़ी बनकर उभरे हैं. जिस भी टीम ने उनका सामना किया है उसे दिक्कत मिली है. वे 21 साल की उम्र में बांग्लादेशी टीम में दाखिल हुए थे. अब उनके बिना इस टीम का पेस अटैक बिना धार वाला रहता है. वे लगातार 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बॉलिंग करते हैं. रफ्तार के साथ ही उनकी गेंदबाजी में सटीकता भी है जो उन्हें काफी घातक बना देती है.
नाहिद राणा ने अभी तक 12 टेस्ट खेले हैं जिनमें 36.84 की औसत से 38 विकेट लिए हैं. वहीं 12 वनडे में 21.80 की औसत से 25 शिकार कर चुके हैं. वे सात देशों के खिलाफ टेस्ट खेल चुके हैं. इनमें से पाकिस्तान के सामने सबसे सफल साबित हुए हैं. इस टीम के खिलाफ उन्होंने चार टेस्ट में 30.11 की औसत से 17 विकेट लिए हैं. वनडे में न्यूजीलैंड के सामने चार मैच में नौ और पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैच में आठ विकेट लिए हैं.
नाहिद ने 18 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट खेलना शुरू किया था. इससे पहले वे टेप बॉल से खेलते थे. देरी से पेशेवर क्रिकेट को अपनाने से वे अंडर 19 क्रिकेट भी बहुत कम ही खेल पाए हैं. बांग्लादेश में जो भी क्रिकेटर निकलते हैं वे काफी कम उम्र में खेलना शुरू करते हैं. नाहिद उनसे अलग हैं. साथ ही बांग्लादेश के उत्तर-पश्चिमी इलाके में मौजूद चपई नवाबगंज के रहने वाले हैं. यह इलाका आमों के लिए मशहूर है लेकिन नाहिद ने अब उसे क्रिकेट के नक्शे पर भी डाल दिया है.


