टीम इंडिया के पूर्व कोच संजय बांगड़ ने बेटे को क्‍यों क्रिकेट छोड़ने के लिए कहा? लड़के से लड़की बनीं अनाया ने पहली बार बताई दर्दनाक कहानी

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आर्यन के साथ संजय बांगड़
आर्यन के साथ संजय बांगड़

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संजय बांगड़ के बेटे आर्यन लड़के से लड़की बन गए.

आर्यन को अब दुनिया अनाया नाम से जानती हैं.

सोते-जागते, खाते-पीते, दर्द में, खुशी में...आर्यन बांगड़ ने जिस चीज से सबसे ज्‍यादा प्‍यार किया, वह है क्रिकेट. बचपन से ही भारत के लिए खेलने का सपना देखने वाले आर्यन का उस वक्‍त दिल चकनाचूर हो गया, जब उनके पिता ने उनसे कहा कि उन्‍हें अपने प्‍यार यानी क्रिकेट को हमेशा-हमेशा के लिए छोड़ चाहिए.पिता के मुंह से निकली इस बात ने आर्यन को कई हिस्‍सों में तोड़ कर रख दिया, मगर वह जानती थी कि उनके पिता ने ऐसा क्‍यों कहा, क्‍योंकि वह जानते है कि आर्यन के लिए आगे चीजें कितनी मुश्किल होने वाली है, क्‍योंकि आर्यन को अब पूरी दुनिया अनाया के नाम से जानती है और उनके पिता कोई और नहीं, बल्कि टीम इंडिया के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगड़ है. 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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हार्मोनल रिप्‍लेसमेंट थैरेपी के बाद आर्यन से बनी अनाया ने खुद अपनी दर्दनाक कहानी बयां की.लल्लनटॉप को दिए इंटरव्‍यू में अनाया ने कहा यह सच है कि उनके पिता ने उनसे कहा था कि वह क्रिकेट खेलना छोड़ दे.उनके लिए क्रिकेट में कोई जगह नहीं बची. अनाया ने कहा कि वह अपने पिता का इसमें जिक्र नहीं करना चाहती, मगर यह सच है. उन्‍होंने कहा- 

वह‍ इस फैक्‍ट को कहते थे कि मेरे लिए अब इसमें कोई जगह नहीं हो सकती.मुझे खुद के लिए कुछ तो स्‍टैंड लेना होगा.

अनाया ने बताया कि दिमागी तौर पर वह काफी अपसेट भी थी. उन्‍हें आत्‍महत्‍या जैसे विचार भी आने लगे थे, क्‍योंकि उन्‍हें लगता था कि पूरी दुनिया उनके खिलाफ है. उन्‍हें लगता था कि उन्‍होंने लड़के से लड़की बनने का जो फैसला लिया, उसके बाद उनके लिए सोसायटी, क्रिकेट के लेवल पर सिस्‍टम में कोई जगह नहीं है. 12 साल की उम्र में अनाया का आर्यन के रूप में क्रिकेट करियर शुरू हुआ था.उन्‍होंने बताया- 

मैं 2022 तक क्रिकेट खेल रही थी. तब तक मैं खुद से सवाल पूछ रही थी.अगर मैं ट्रांजिशन कंरू तो लाइफ में क्‍या मौके होंगे. लोग क्‍या कहेंगे. क्रिकेट सर्किल में मेरी क्‍या बात होगी. यह सोचकर मैंने क्रिकेट छोड़ने का फैसला लिया. एक समय ऐसा आया था कि मैं भी डिप्रेशन में चली गई थी. काउंसिल तक चल रही थी.मैं तब क्रिकेट क्‍लब ऑफ इंडिया के लिए खेलती थी. उस वक्‍त ड्रेसिंग रूम में मैच या बल्‍लेबाजी से पहले मैं रोती थी.आखिर में यह इतना ज्‍यादा हो गया कि मुझे क्रिकेट से नफरत होने लगी. इसके बाद मैं इंग्‍लैंड चली गई और आगे की पढ़ाई शुरू की. 

अनाया ने बताया कि उन्‍हें अपने बारे में सीक्रेट का बहुत ध्‍यान रखना पड़ता था, क्‍योंकि उनके पिता जानी मानी शख्सियत हैं. उन्‍होंने कहा - 

पब्लिक के लिहाज में मुझे सीक्रेसी को ध्‍यान रखना पड़ता था, क्‍योंकि पापा  जानी मानी शख्सियत हैं और मुझे बाहर भी ऐसा कुछ पता नहीं चलने देना था. क्रिकेट की दुनिया काफी अनसेफ और टॉक्सिक्‍स आदमियों से भरी हुई है. यहां नीचे गिराने की कोशिश होती है.

अनाया ने इस इंटरव्‍यू में खुलासा किया कि सीनियर क्रिकेटर ने उन्‍हें अपने साथ सोने के लिए कहा था. उन्‍हें टीममेट्स के साथ पहले गंदी गालियां देता था और फिर उनके पास आकर फोटो मांगता था. अनाया ने बताया कि उन्‍हें कुछ क्रिकेटर्स अपनी न्‍यूड तस्‍वीरें भेजते थे.

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