सूर्यकुमार यादव का भारतीय टी20 कप्तान के तौर पर भविष्य मुश्किल में लग रहा है. लेकिन सेलेक्टर्स उन्हें हटाने का फैसला नहीं कर पा रहे हैं. सूर्यकुमार यादव का कप्तान के तौर पर बने रहने या नहीं रहने का फैसला हेड कोच गौतम गंभीर की सहमति के बाद लिया जाएगा. हेड कोच की राय जानने के बाद ही इस बारे में आगे फैसला किया जाएगा. सूर्या पिछले एक साल से रनों के लिए बुरी तरह से जूझ रहे हैं. वे हाल ही में आईपीएल 2026 में भी रन नहीं बना पाए.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट कहती है कि सेलेक्शन कमिटी इस बात पर सहमत है कि अब सूर्या बतौर बल्लेबाज टीम में जगह नहीं बना सकते. वे अब टी20 टीम का कप्तान बदलने का मन बना चुके हैं. लेकिन कोच और कप्तान के रिश्ते को देखते हुए फैसला किया जाएगा. बोर्ड नहीं चाहता कि कप्तान और कोच का रिश्ता नहीं बिगड़ना चाहिए. ऐसा ही कप्तान होना चाहिए जिस पर कोच को भरोसा हो. साथ ही जो कप्तान बने वह भी कोच का सम्मान करे.
सेलेक्टर्स ने शुरू की सूर्या के उत्तराधिकारी की तलाश
रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी सेलेक्शन पैनल में मौजूद पांचों सेलेक्टर्स मानते हैं कि सूर्या को बाहर कर देना चाहिए. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद से ही यह राय बन गई थी. सेलेक्टर्स ने उनके विकल्प को तलाशना भी शुरू कर दिया है. पीटीआई ने एक बीसीसीआई सूत्र के हवाले से लिखा है, शुरुआत में सेलेक्टर्स ने सोचा कि आईपीएल से सूर्यकुमार को फॉर्म वापस हासिल करने में मदद मिलेगी. पिछले सीजन ऐसा हुआ था और उन्होंने 700 से ऊपर रन बनाए थे. लेकिन अजीब बात रही कि उनके खेल में कोई तकनीकी बदलाव नहीं हुआ. नए तेज गेंदबाज भी सीधी हार्ड लैंथ के जरिए उन्हें फंसा रहे हैं. सेलेक्टर्स उन्हें 2028 ओलिंपिक के लिए नहीं देख रहे.
सेलेक्टर्स को क्यों सूर्या को नहीं हटा पा रहे
सूर्या आईपीएल 2026 में अभी तक 12 पारियों में 148 की स्ट्राइक रेट और 18 से कम की औसत से 210 रन बना सके हैं. ये आंकड़े उनके टी20 इंटरनेशनल में बने रहने के पक्ष में नहीं जाते. मगर गंभीर अगर सूर्या को बरकरार रखना चाहेंगे तब सेलेक्टर्स को उनकी बात माननी होगी. ऐसे में अब भारतीय टी20 टीम के कप्तानी का फैसला पूरी तरह से गंभीर को लेना है.

