21 मैच, 651 रन, दो शतक और तीन अर्धशतक, दमदार प्रदर्शन के बाद भी तिलक वर्मा को नंबर 3 छोड़ मिडिल ऑर्डर में क्यों जाना पड़ा?

किरण सिंह

किरण सिंह

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 तिलक वर्मा ने नंबर तीन पर भारत के लिए 21 टी20 मैच खेले हैं. (PC: Getty)
तिलक वर्मा ने नंबर तीन पर भारत के लिए 21 टी20 मैच खेले हैं. (PC: Getty)

Story Highlights:

तिलक वर्मा ने नंबर तीन पर भारत के लिए 21 टी20 मैच खेले हैं.

तिलक ने अपने करियर के दोनों शतक नंबर तीन पर ही लगाए हैं.

करीब एक साल पहले भारत के T20I बैटिंग ऑर्डर में नंबर तीन पर तिलक वर्मा की जगह पक्की मानी जा रही थी. वह खुद भी नंबर तीन पर अपनी जगह को लेकर काफी आश्वस्त थे. वह टीम के भरोसेमंद टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज थे, जो पारी को संभालने के साथ-साथ मिडिल और लोअर-ऑर्डर के बल्लेबाजों के लिए आक्रामक खेल दिखाने का आधार तैयार करने में सक्षम थे. उन्होंने भारत के लिए 70 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें 43.83 की औसत और 147.28 की स्ट्राइक रेट से 1841 रन बनाए. उनके नाम दो शतक और दो अर्धशतक है. उन्होंने अपने टी20 करियर में जो दो शतक लगाए हैं, वो नंबर तीन पर बैटिंग करते हुए ही लगाए हैं. उन्होंने नंबर तीन पर भारत के लिए 21 टी20 मैच खेले, जिसमें 43.40 की औसत और 150.69 की स्ट्राइक रेट से 651 रन बनाए.  इस नंबर पर दो शतक और दो अर्धशतक है. इस नंबर पर शानदार प्रदर्शन के बाद भी उन्हें यह जगह छोड़नी पड़नी और अब वह मिडिल ऑर्डर में अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

बैटिंग ऑर्डर मैच रन  औसत स्ट्राइक रेट शतक अर्धशतक
तीसरे नंबर पर बैटिंग 21 651 43.40 150.69 2 3
चौथे नंबर पर बैटिंग 14 490 54.44 128.60 0 2
5वें नंबर पर बैटिंग 19 451 37.58 146.90 0 4
छठे नंबर पर बैटिंग 9 197 65.66 195.04 0 1
7वें नंबर पर बैटिंग 3 52 17.33 179.31 0 0

वेस्ट इंडीज के ख‍िलाफ पांच टी20 मैचों की सीरीज में तिलक का प्रदर्शन 

  • पहला T20I: बैटिंग नहीं आई 
  • दूसरा  T20I: 44*
  • तीसरा T20I: 28
  • चौथा T20I: 43
  • पांचवां T20I:7

दरअसल तीसरे नंबर पर इशान किशन की शानदार वापसी और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की वजह से 23 साल के तिलक को अपनी वह जगह छोड़नी पड़ी और अब उन्हें मिडिल ऑर्डर में अपनी जगह बनानी पड़ी है. बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक ने भी माना कि टॉप-ऑर्डर से पांचवें या छठे नंबर पर आना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन उन्होंने कहा कि वह टीम के लिए इस नई भूमिका को निभाने को तैयार हैं. इशान की टी20 में नंबर तीन पर प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने भारत के लिए इस नंबर पर 30 मैच खेले, जिसमें 35.21 की औसत और 165.71 की स्ट्राइक रेट से 986 रन बनाए. इस नंबर पर उन्होंने एक शतक और छह अर्धशतक जमाया.

इशान किशन भारत के लिए टी20 क्रिकेट में अब तक जिस नंबर पर खेले, वहां उनका प्रदर्शन

 इशान पर क्या बोले तिलक


तिलक ने कहा कि इशान किशन तीसरे नंबर पर बहुत शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं. इसलिए उन्हें लगता है कि उनके पास पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने और टीम के लिए अपना काम करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है. वह इस भूमिका के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं. तिलक ने कहा कि उन्होंने वहां से भी मैच जिताए हैं. इसलिए उन्हें पूरा भरोसा है कि वह वहां भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं.

तीसरे नंबर और पांचवें-छठे नंबर के बीच तालमेल बिठाने की कोश‍िश

तिलक ने बताया कि वह अपनी बल्लेबाजी को दोनों तरह की भूमिकाओं के हिसाब से ढालने पर काम कर रहे हैं. उन्हें पूरा विश्वास है कि टीम की जरूरत के हिसाब से वह तीसरे नंबर और पांचवें-छठे नंबर के बीच आसानी से तालमेल बिठा सकते हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद में बदलाव किया है. बचपन में भी वह इस तरह की भूमिका निभा चुके हैं. उनके पास मैदान के हर कोने में शॉट खेलने की क्षमता है. इसलिए उन्हें भरोसा है कि चाहे वह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करें या पांचवें पर, उनके पास दोनों तरह की तकनीकें हैं, जिनके हिसाब से वह खुद को ढाल सकता हैं. अगर वह 1-2 दिन अभ्यास कर लें तो वह टीम के लिए कोई भी भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने कहा कि वह इसी बात का अभ्यास कर रहे हैं. अगर वह 5वें या 6वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं तो उन्हें कैसे खुद को ढालना है और अगर वह वापस तीसरे नंबर पर आते हैं तो उन्हें कैसे ढालना है. यह सब उन्हें पता है. अभ्यास के दौरान बस एक दिन का समय मिलने पर वह सब कुछ सेट कर सकते हैं.

मानसिक तौर पर तैयार रहने की जरूरत

अलग-अलग देशों और टाइम जोन के बीच लगातार यात्रा करनी चुनौती पर तिलक ने कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेटरों को इसके लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण तो होगा, लेकिन एक पेशेवर क्रिकेटर के तौर पर लगातार सीरीज होने या अलग-अलग टाइम ज़ोन जैसी बातों का बहाना नहीं दे सकते, क्योंकि अब इसकी आदत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि युवा ख‍िलाड़ियों को इसमें ढलने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है, लेकिन आप अपने देश के लिए और सबसे ऊंचे स्तर पर खेल रहे हैं. इसलिए किसी भी चुनौती या किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना चाहिए और मानसिक तौर पर तैयार रहना होगा. 

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