पाकिस्तान के लिए खेल चुका एक क्रिकेटर अब इंग्लैंड की तरफ से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना चाहता है. इसके लिए वह काउंटी चैंपियनशिप में पसीना बहा रहा है और वहां पर उसका जादू देखने को भी मिल रहा है. इस खिलाड़ी का नाम है जफर गोहर. वे बाएं हाथ के गेंदबाज और बल्लेबाज हैं. पाकिस्तान के लिए उन्हें एक टेस्ट और एक वनडे खेलने को मिला लेकिन इससे ज्यादा मौके नहीं दिए गए. लगातार होती अनदेखी और पाकिस्तानी बोर्ड से मदद नहीं मिलने पर जफर गोहर ने पूरा ध्यान इंग्लैंड में खेलने पर ही लगा दिया. वे पिछले चार सीजन से यहां पर प्रभावशाली खेल दिखा रहे हैं. अब उनके पास ब्रिटेन की नागरिकता है और वे इंग्लैंड की ओर से खेलने का इंतजार कर रहे हैं.
गोहर ने 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था. 2015 में उन्होंने इंग्लैंड के सामने एक वनडे खेला. इन दो मौकों के अलावा वे कभी पाकिस्तान की तरफ से नहीं खेल पाए. इस खिलाड़ी ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बात करते हुए टेस्ट डेब्यू की कहानी बताई. यह मैच न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में खेला गया था जहां स्पिन को कोई मदद नहीं थी. गोहर ने कहा, मुझे याद है कि मिस्बाह उल हक ने टेस्ट से पहले आकर मुझसे कहा कि हमारे पास पर्याप्त सीम ऑलराउंडर नहीं है. इसलिए तुम नंबर आठ पर बैटिंग करोगे. अगर जरूरत पड़ी तो कुछ ओवर कर देना. मुझे याद है कि उस टेस्ट में 34 और 35 रन की पारी खेली थी. इसके बाद मुझसे कभी कोई बात नहीं की गई.
जफर गोहर ने सुनाई 2015 में टेस्ट डेब्यू का मौका गंवाने की कहानी
गोहर के पास 2015 में इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट डेब्यू करने का मौका था लेकिन बोर्ड से तय समय पर मदद न मिलने और वीजा की अड़चनों ने वह मौका छीन लिया. हालांकि तब कहा गया था कि गोहर समय पर उठे नहीं और अबू धाबी की फ्लाइट उन्होंने मिस कर दी. इस खिलाड़ी ने अब उस घटना के बारे में विस्तार से बताया है. वे शारजाह में वॉर्म अप मैच खेलकर घरेलू मैचों के लिए वापस पाकिस्तान चले गए थे. तब उन्हें सेलेक्टर्स ने कहा कि मुख्य स्पिनर यासिर शाह चोटिल हो गए.
गोहर ने कहा, मेरे मैनेजर ने कहा कि घर जाओ, सामान बांधो क्योंकि आज रात शायद तुम्हें फ्लाइट लेना है. मैं लाहौर गया लेकिन शनिवार था और रात के साढ़े 12 बजे जब मैं इंतजार कर रहा था तब टीवी पर आया कि जफर गोहर को वीजा नहीं मिला. मैंने सेलेक्टर्स को फोन किया और पूछा कि क्या चल रहा है. मैं थका हुआ. उन्होंने कहा कि जाओ सो जाओ, हम कुछ भी होगा तो तुम्हें बता देंगे. अगली सुबह जब उठा तब पांच मिस्ड कॉल थी. मैंने वापस कॉल किया तो उन्होंने कहा कि अरे तुम्हें वीजा मिल गया. वह रात में तीन बजे आया था और मुझे सुबह चार बजे वाली आखिरी फ्लाइट लेनी थी. मैंने कहा कि मुझे पता कैसे चलेगा. यह पूरी कहानी थी. लेकिन उन्होंने मुझे मीडिया से बात नहीं करने दी.

