एक बार फिर खेला जाएगा साल 2019 मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल, रोहन-पांडे की बदौलत कर्नाटक तीसरी बार फाइनल में

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एक बार फिर खेला जाएगा साल 2019 मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल, रोहन-पांडे की बदौलत कर्नाटक तीसरी बार फाइनल में

नई दिल्ली। सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में आज कर्नाटक और विदर्भ के बीच मुकाबला था. विदर्भ की टीम अब तक टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी थी लेकिन आज दूसरे सेमीफाइनल में कर्नाटक ने 4 रन से हराकर टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. इसी के साथ कर्नाटक की टीम तीसरी बार फाइनल में पहुंची है. लेकिन यहां एक और दिलचस्प मामला ये हुआ है कि साल 2019 के फाइनल की तरह एक बार फिर 2021 का फाइनल भी खेला जाएगा जहां तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच ये फाइनल मुकाबला खेला जाएगा. तमिलनाडु और हैदराबाद के बीच हुए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में तमिलनाडु ने 8 विकेट से जीत दर्ज की थी. इस तरह एक बार फिर इन दोनों टीमों के बीच ही 22 नवंबर को फाइनल खेला जाएगा.

रोहन- पांडे की दमदार पारी
कर्नाटक की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 176 रन बनाए. इस दौरान टीम की ओपनिंग जोड़ी ने कमाल का प्रदर्शन किया. मनीष पांडे और रोहन कदम ने ओपनिगं की शुरुआत की. इस बीच कदम ने जहां 56 गेंदों में 87 रनों की पारी खेली तो वहीं पांडे ने 42 गेंदों में शानदार अर्धशतक जड़ा और 54 रन बनाए. इसके बाद मिडल ऑर्डर में अभिनव मनोहर ने सबसे ज्यादा 27 रन बनाए और इस बीच बाकी के बल्लेबाज ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाए. टीम अंत में 176 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंच चुकी थी. विदर्भ की तरफ से दर्शन नालकंडे ने सबसे बेहतरीन गेंदबाजी की और 4 ओवरों में 4 विकेट लिए. उन्होंने अंतिम ओवरों की 4 गेंदों पर 4 विकेट लेकर रिकॉर्ड बना दिया जबकि ललित यादव को 2 और यश ठाकुर को 1 विकेट मिला.


विदर्भ की तरफ से एक भी अर्धशतक नहीं

विदर्भ की पारी की बात करें तो टीम को जो शुरुआत चाहिए थी वो नहीं मिली और टीम के ओपनिंग बल्लेबाज यानी की अथर्व तयदे और गणेश सतीश ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाए. दोनों बल्लेबाज सिर्फ 32 और 31 रनों की ही पारी खेल पाए. मिडर ऑर्डर में आए अक्षय वाडकर और शुभम दुबे में टीम को नहीं संभाल पाए और दोनों 24 और 12 रनों पर चलते बने. इसके बाद अपूर्व वानखड़े और अक्षय कर्णेवर ने 27 और 22 रनों की पारी से टीम की लाज बचाने की कोशिश की लेकिन अंत में वो मैच को जीत नहीं दिलवा पाए. इस तरह पूरी टीम 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर सिर्फ 172 रन ही बना पाई. कर्नाटक की तरफ केसी करियप्पा ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए.