अभिषेक शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की समाप्ति के बाद अपनी खराब फॉर्म को लेकर मन की बात कही. उन्होंने कहा कि उन्हें खुद पर रन बनाने का भरोसा नहीं था. लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर के भरोसे के चलते वे खेलते रहे और फाइनल में अर्धशतक बना सके. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने न्यूजीलैंड ने खिलाफ मुकाबले में 52 रन की पारी खेली. उन्होंने 18 गेंद में अर्धशतक बनाया जो टी20 वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से दूसरी सबसे तेज फिफ्टी बनाई.
अभिषेक ने इस मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे के खिलाफ भी फिफ्टी बनाई थी. मगर इससे पहले और बाद के मुकाबलों में उनके रन नहीं आए थे. इसके चलते प्लेइंग इलेवन में जगह पर भी सवाल उठने लगे थे. अभिषेक भी जानते थे कि उनके रन नहीं आने से दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने मैच के बाद कहा, 'एक बात बिल्कुल साफ थी और मैं पहले भी बताना चाहता लेकिन आज मेरा दिन था. कप्तान और कोच को मुझ पर भरोसा था. मुझे तो खुद पर भी शक था कि रन बना पाऊंगा. मुझे कभी इस तरह का अनुभव नहीं हुआ. यह मुश्किल टूर्नामेंट था.'
अभिषेक बोले- मेरे लिए आसान नहीं था टूर्नामेंट
अभिषेक को टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत में पेट की बीमारी के चलते बाहर रहना पड़ा था. जब वापसी हुई तो रन नहीं आए. ऑफ स्पिनर्स के सामने उन्हें जूझना पड़ा और वे कुछ मैचों में जीरो पर आउट हुए. अभिषेक ने कहा, 'मैं अपने प्रोसेस का पालन कर रहा था और एक मैच के बाद दूसरे मैच के बारे में सोच रहा था. लेकिन यह आसान नहीं था. लेकिन मुझे इस टीम से प्यार है क्योंकि उन्होंने मुझे काफी सपोर्ट किया. यह आसान नहीं था क्योंकि पूरे साल रन बनाए लेकिन बड़े टूर्नामेंट में ऐसा नहीं कर सका. लेकिन टीम और मैनेजमेंट ने मुझमें भरोसा जताया.'
अभिषेक अभी टी20 फॉर्मेट के नंबर एक बल्लेबाज हैं. उन्होंने इस वर्ल्ड कप में आठ पारियों में 17.62 की औसत से 141 रन बनाए. उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट के बीच में वे इमोशनल थे और कोच और कप्तान से बात करना चाहते थे. दोनों ने उनसे कहा कि वह उन्हें बड़े मैच जिताएंगे.

