इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सात रन से बाद उपकप्तान अक्षर पटेल ने खुलासा किया कि वह आखिरी ओवर में बॉलिंग करने के लिए पूरी तरह तैयार थे. हालांकि आखिर में यह जिम्मेदारी शिवम दुबे को सौंपी गई, जिन्होंने T20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की जगह पक्की करने के लिए 30 रन डिफेंड किए. अक्षर इस ओवर के लिए पहले से ही मेंटली और फिजिकली वार्म अप कर रहे थे.
आखिरी ओवर के लिए दुबे को क्यों भेजा गया?
जीत के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए अक्षर पटेल ने उन दबाव वाले पल को लेकर बात की. जो हाई स्कोरिंग मैच था, जिसमें इंग्लैंड के जैकब बेथेल पहले ही सेंचुरी बना चुके थे. स्पिनर्स पहले ही मैच में काफी रन दे चुके थे, इसलिए सूर्या ने कोई रिस्क नहीं लिया और दुबे को बॉल थमा दी, लेकिन अक्षर को भरोसा था कि उन्हें पांच छक्के नहीं लगेंगे. अक्षर ने हंसते हुए कहा कि
मैं तैयार था. मैं लॉन्ग ऑफ पर खड़ा था और तैयार था. बॉलिंग प्रैक्टिस भी कर रहा था. 30 रन तो बहुत थे. मुझे पता था कि पांच छक्के तो नहीं खाऊंगा.
शिवम दुबे ने आखिरी ओवर में 22 रन दिए. उनके ओवर की आखिरी तीन गेंदों में जोफ्रा आर्चर ने लगातार तीन छक्के लगाए. दुबे के इस ओवर ने एक समय के लिए हर किसी की धड़कन बढ़ा दी थी.

