इंग्लैंड की हार के बाद कप्तान हैरी ब्रूक का संजू सैमसन का कैच छोड़ने पर छलका दर्द, कहा - मैं अपने हाथों को...

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक

Story Highlights:

संजू सैमसन ने खेली 89 रन की शानदार पारी

भारत ने पहले खेलते हुए बनाए 253 रन

टीम इंडिया के लिए संजू सैमसन ने करो या मरो वाली स्थिति में शानदार फॉर्म दिखाई और लगातार दो मैच जिताकर टीम को फाइनल में पहुंचा दिया. वेस्ट इंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाने के बाद संजू सैमसन ने इंग्लैंड के सामने 89 रन की पारी खेली. लेकिन एक समय जब संजू 15 रन पर थे, तब इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने उनका आसान कैच छोड़ दिया. इसका फायदा उठाकर भारत ने बड़ा टोटल बनाया और इंग्लैंड को हार का सामना करना पड़ा. बाद में ब्रूक ने भी माना कि संजू का कैच छोड़ना टीम को भारी पड़ गया.

हमने सोचा था कि पिच फ्रेश है, इसलिए पहली पारी में ज्यादा स्पिन मिलेगी. लेकिन इस पिच से उतनी मदद नहीं मिली. जब संजू सैमसन का कैच छूटा तो मैंने अपने हाथों की ओर देखा और महसूस किया कि शायद मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है. आज फील्डिंग में हमारी किस्मत ने साथ नहीं दिया. शायद मैं उस कैच को सही से जज नहीं कर सका. इसके अलावा गेंदबाजी में भी हम अपने प्लान सही तरीके से लागू नहीं कर पाए.

इंग्लैंड के लिए जैकेब बेथेल ने 48 गेंदों में 8 चौके और 7 छक्कों की मदद से 105 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन फिर भी वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके. बेथेल को लेकर हैरी ब्रूक ने आगे कहा कि उनके हिसाब से वह क्रिकेट में बहुत पैसा कमाने वाले खिलाड़ी बनने वाले हैं. दुनिया जानती है कि वह क्या कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इंग्लैंड ने यह जरूर दिखा दिया कि 250 रन का लक्ष्य भी सुरक्षित नहीं होता.

टीम इंडिया ही बनेगी वर्ल्ड चैंपियन! इंग्लैंड के हारते ही सामने आया बड़ा संयोग

इंग्लैंड को कैसे भारी पड़ा संजू का कैच?

जब संजू सैमसन 15 रन के निजी स्कोर पर थे, तब उनका कैच छूट गया. इसके बाद उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया और 42 गेंदों में 8 चौके और 7 छक्कों की मदद से 89 रन की शानदार पारी खेली. उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने 253 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया.

इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 246 रन ही बना सकी और अंत में वह जीत से सिर्फ 7 रन दूर रह गई. भारत के लिए गेंदबाजी में सबसे ज्यादा 2 विकेट हार्दिक पंड्या ने लिए.