पाकिस्तान सरकार टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के साथ मैच के बॉयकॉट का ऐलान कर चुकी है. इसके बाद सवाल उठे रहे हैं कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) इस पर क्या एक्शन लेगी. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर मैच के बॉयकॉट के बारे में आईसीसी को नहीं बताया है. इस बीच पीसीबी के पूर्व चीफ नजम सेठी ने बताया कि भारत और पाकिस्तान के टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच की उम्मीद अभी जिंदा है. उन्होंने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा कि अभी बात चल रही है और हो सकता है कि अच्छा नतीजा निकले.
पाकिस्तान सरकार के बॉयकॉट के ऐलान के बाद आईसीसी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि इस कदम का अंजाम भुगतना पड़ सकता है. उसने कहा था कि इससे पाकिस्तान में क्रिकेट को नुकसान हो सकता है. सेठी ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा, 'मैं पीसीबी का प्रवक्ता नहीं हूं. मैं अपनी राय दे रहा हूं. पीसीबी ने सरकार से बात की थी और उन्होंने इसके बाद फैसला किया. उन्होंने फैसला मैच से 10-15 दिन पहले किया. मुझे लगता है कि अभी बातचीत चल रही है और उम्मीद कर रहा हूं कि इन समझौतों का फल मिलेगा. लेकिन आपसे जो मैं कह रहा हूं वह मेरा मत है.मैं यहां पीसीबी का पक्ष नहीं रख रहा.'
नजम सेठी बोले- दादागिरी कर रहा बीसीसीआई
सेठी ने हालांकि कहा कि पाकिस्तान सरकार ने जो फैसला किया वह उसका समर्थन करते हैं. उन्होंने बीसीसीआई पर दादागिरी करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा, 'मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मैंने भी इस तरह के मसलों का सामना किया है. आखिरी बार जब ऐसा हुआ था तब मैं पीसीबी चीफ था और जय शाह एशियन क्रिकेट काउंसिल के मुखिया था. तब भारत को खिलाने को लेकर काफी माथापच्ची हुई थी. तब भारत श्रीलंका में खेला जबकि बाकी टीमें पाकिस्तान में खेलीं. मुझे बीसीसीआई का वह रवैया सही नहीं लगा. इसलिए मुझे लगता है कि पाकिस्तान सरकार ने सही किया.'
सेठी ने कहा कि अगर पाकिस्तान के मैच श्रीलंका में हो सकते हैं तो बांग्लादेश के वहां पर क्यों नहीं कराए जा सकते थे. सुरक्षा कारण बताए जाने पर मैच दूसरी जगह शिफ्ट हो सकते थे.

