संजू सैमसन टी20 वर्ल्ड कप 2026 में वेस्ट इंडीज पर जीत दिलाने के बाद इमोशनल हो गए थे. उन्होंने नाबाद 97 रन की पारी खेली और टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचाया था. इस पारी के बाद संजू सैमसन ने हेलमेट को उतारकर फेंक दिया था. उन्होंने ऊपर की तरफ हाथ किए और ईश्वर को शुक्रिया कहा था. सैमसन की इस प्रतिक्रिया के बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज को सजा हो सकती है. उन पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल बैन का फैसला भी ले सकता है. लेकिन पूर्व अंपायर अनिल चौधरी ने इस मामले पर सारी सच्चाई बता दी. उन्होंने आईसीसी के नियमों की व्याख्या करते हुए दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया.
अनिल चौधरी ने कहा कि सैमसन ने जिस तरह से जीत के बाद प्रतिक्रिया दी उससे आईसीसी का कोई नियम नहीं टूटा. उनका सेलिब्रिशन इमोशनल था नहीं कि एंगर (गुस्से) वाला. ऐसे में वे किसी सजा के दायरे में नहीं आता है. सैमसन को लेकर दावा किया जा रहा था कि उनका बर्ताव क्रिकेट उपकरणों के साथ खराब बर्ताव की श्रेणी में आता है. ऐसे में उन्हें फटकार के साथ ही बैन का सामना करना पड़ सकता है.
अनिल चौधरी ने बताया क्यों संजू को नहीं मिलेगी सजा
चौधरी ने कहा, 'मीडिया का एक सेक्शन लिख रहा है कि संजू ने उस दिन मैच जीतने के बाद जो हेलमेट गिराया वह अब्यूज ऑफ इक्विपमेंट है. जी नहीं, मेरे हिसाब से वह जॉय (खुशी) और इमोशनल (भावुक) पल था. उसने थ्रो (फेंका) नहीं किया. एंगर (गुस्से) में नहीं था. जब इस तरह की कोई घटना होती है तो साफ पता चलता है कि जानबूझकर मारा. लेकिन संजू ने ऐसा नहीं किया. वह काफी खुश और भावुक थे. उन्होंने इस बारे में पोस्ट मैच में कहा भी था.'
एब्यूज ऑफ इक्विपमेंट के तहत कब मिलती है सजा
आईसीसी की एब्यूज ऑफ इक्विपमेंट को लेकर जो धारा है उसमें कहा गया है,
- गुस्से में बल्ला फेंकना या उसे किक करना.
- हेलमेट या ग्लव्ज को जोर से फेंकना
- जानबूझकर स्टंप्स या बाउंड्री निशान को नुकसान पहुंचाना
- विज्ञापन बोर्ड या ड्रेसिंग रूम की प्रोपर्टी को किसी उपकरण के जरिए मारना
- निराशा में आकर गेंद को किसी उपकरण पर या उसके पास फेंकना.

